
चूरू.
जिला मुख्यालय से हाल ही में सीकर के लिए शुरू हुई दो और ट्रेनों ने रोडवेज की मुश्किलें बढ़ा दी है। वहीं रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। ट्रेन के समय में लोग सीकर की तरफ यात्रा करने के लिए बस की बजाय रेल को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक सीकर-चूरू के बीच चलने वाली मीटर गेज ट्रेन से आज ब्राडगेज में यात्री भार करीब दो गुना हो गया है। पहले जहां करीब150 यात्री प्रतिदिन चूरू से सीकर रूट की यात्रा करते थे। वहीं अब गत आठ जून को ट्रेन शुरू होने के बाद ये संख्या करीब दो गुनी यानी 300 हो गई है। ऐसे में राजस्व भी प्रतिदिन २५ रुपए प्रति टिकट के हिसाब से सात हजार रुपए हो गया है। उधर रोडवेज के चूरू आगार का यात्री भार78 से गिरकर 68प्रतिशत पर आ गया। यानि यात्री भार में 10 फीसदी की गिरावट आई है। इस गिरावट के बाद रोडवेज की सभी बसों को मिलाकर प्रतिदिन औसतन 84 हजार 805 रह गया है। सुबह सात बजे, 2.10 बजे व 5.40 बजे चलने वाली इन ट्रेनों के समय लोग बस की बजाय ट्रेन में सफर करना अधिक पसंद कर रहे हैं।
ट्रेन में 50, बस में 200 रुपए किराया
ट्रेन में बस के मुकाबले किराया भी एक चौथाई है। ट्रेन में जहां चूरू से सीकर का किराया मात्र २५ रुपए है। वहीं रोडवेज की साधारण एक्सप्रेस बस में 95 व स्टार लाइन में 100 रुपए है। ऐसे में बस में चूरू से सीकर जाने में यात्री की जेब से २०० रुपए खर्च होते हैं। वहीं ट्रेन में यात्री महज ५० रुपए में ये सफर तय कर सकता है।
इस रूट की बसों में आ रही गिरावट
रोडवेज सूत्रों के मुताबिक चूरू से सीकर के अलावा फतेहपुर, रामगढ़, बिसाऊ, लक्ष्मणगढ़ सहित इस रूट के अन्य शहर-कस्बों के यात्रिभार में गिरावट आई है।
ट्रेन चलने के बाद आगार के राजस्व में हालांकि गिरावट आई है। मगर हम इसे वापस उसी स्तर पर लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
परमेश्वरलाल सैनी, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज, चूरू