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पीपीपी मोड पीएचसी में नहीं मिला उपचार, आशा सुपरवाइजर की मौत, ग्रामीणों ने लगाया ताला

भाजपा सरकार में जिले में शुरू की गई पीपीपी मोड पीएचसी की हालात नहीं सुधरने का खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इसी लारपरवाही के कारण पीपीपी मोड पर संचालित सिरसला पीएचसी में 20 मार्च को समय से उपचार नहीं मिलने पर सिरसला निवासी आशा सुपरवाइज की मौत हो गई
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Mar 22, 2019
churu news
पीपीपी मोड पीएचसी में नहीं मिला उपचार, आशा सुपरवाइजर की मौत, ग्रामीणों ने लगाया ताला

चूरू.

भाजपा सरकार में जिले में शुरू की गई पीपीपी मोड पीएचसी की हालात नहीं सुधरने का खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इसी लारपरवाही के कारण पीपीपी मोड पर संचालित सिरसला पीएचसी में 20 मार्च को समय से उपचार नहीं मिलने पर सिरसला निवासी आशा सुपरवाइज की मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को अस्पताल खुलने पर दोपहर बाद ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने मांग की जब तक पीपीपी मोड से सीएचसी को नहीं हटाया जाएगा व एंबुलेंस यहां नहीं खड़ी की जाएगी तब तक ताला नहीं खोलेंगे। इसके बाद चिकित्सा महकमे की सांस फूल गई। मौके पर पहुंचे एसीएमएचओ व बीपीएम ने समझाइश की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने।


जानकारी के मुमताबिक 20 मार्च को शाम छह बजे के आस-पास सिरसला निवासी दिलीपसिंह के सीने में दर्द होने पर परिजन उसे पीपीपी मोड पीएचसी सिरसला ले गए। यहां पर जीएनएम मौजूद थी। अवकाश होने के कारण चिकित्सक घर चला गया था। जीएनएम ने १०८ को सूचना दी लेकिन एंबुलेंस भी 30 मिनट देरी से आई। इसके बाद उसे राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल लाया गया। जहां पर उसकी मौत हो गई। दिलीप एनआरएचएम में आशा सुपरवाइजर के पद पर खंडवा पीएचसी में कार्यरत था।


घटना के दिन पीएचसी में ग्रामीणों ने पूछा कि डॉक्टर कहां है तो जीएनएम ने बताया कि राजकीय अवकाश पर हैं। ऑन कॉल किसी चिकित्सक की कोई सुविधा नहीं है। एंबुलेंस भी ३० मिनट देरी से आई। इस बात को लेकर ग्रामीणों में भारी आकोश था। शुक्रवार को जब पीएचसी खुली तो सभापति विजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में मनोजसिंह, सरपंच रणवीर सहारण व ग्रामीणों ने पीएचसी के ताला लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसीएमएचओ डा. भंवरलाल सर्वा व बीपीएम ओमप्रकाश प्रजापत ने लोगों से समझाइश की। लेकिन ग्रामीणों ने ताला नहीं खोला। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पीएचसी को पीपीपी मोड से नहीं हटाया जाएगा व 108 एंबुलेंस यहां नहीं खड़ी होगी तब तक ताला नहीं खोलेंगे। वार्ता विफल होने पर विभाग के दोनों अधिकारी वापस लौट आए।


2.08 लाख रुपए प्रति माह दे रही सरकार


जानकारी के मुताबिक सिरसला पीएचसी का संचालन एनजीओ लॉड्स एजुकेशन सोसायटी नई दिल्ली की ओर से किया जा रहा है। संचालन के लिए सरकार प्रतिमाह संस्था को दो लाख, 8091 रुपए दे रही है। 62 माह के लिए अनुबंध हुआ है। 20 मई 2016 को सरकार व उक्त संस्था का अनुबंध हुआ है। लेकिन अब तक सिरसला पीएचसी पीपीपी मोड की सबसे दयनीय पीएचसी साबित हुई है। यहां पहले भी कई महीनों तक चिकित्सक नहीं रहे। इसके कारण एनजीओ से पेनल्टी भी ली गई। राजस्थान पत्रिका ने पहले भी कई बार इसकी खामियों को उजाकर कर चुका है लेकिन सरकार व विभाग की आखें नहीं खुली। यह भाजपा सरकार की सबसे दयनीय योजना थी जिसका खमियाजा आज तक ग्रामीण भुगत रहे हैं।

Published on:
22 Mar 2019 10:31 pm