चूरू

ग्रीन कारपेट व कपड़ों से कर रहे पौधों की सुरक्षा, स्कूल में बनाई वाटिका

गाजसर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय स्टाफ पौधों की जिस तरह से सुरक्षा कर रहे हंै वह अपने आप में एक मिसाल है। यहां पौधों की सिंचाई व देखरेख में शिक्षक व विद्यार्थी पूरी तन्मयता के साथ जुटे हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए ग्रीन कारपेट व कपड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें सबसे अहम योगदान यहां कार्यरत शिक्षक निहालसिंह लांबा का है।
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Dec 25, 2018
churu school gardan news
ग्रीन कारपेट व कपड़ों से कर रहे पौधों की सुरक्षा, स्कूल में बनाई वाटिका

चूरू. जिले में कई स्कूल पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। पौधरोपण के अलावा उनकी देखरेख भी करते हैं। लेकिन गाजसर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय स्टाफ पौधों की जिस तरह से सुरक्षा कर रहे हंै वह अपने आप में एक मिसाल है। यहां पौधों की सिंचाई व देखरेख में शिक्षक व विद्यार्थी पूरी तन्मयता के साथ जुटे हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए ग्रीन कारपेट व कपड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब जिसकों मौका मिलता है वह पौधों को संभाल लेता है। प्रवेश द्वार से लेकर स्कूल भवन तक जनक वाटिका बनाई गई है। इसमें सबसे अहम योगदान यहां कार्यरत शिक्षक निहालसिंह लांबा का है।

पिता की स्मृति में बना दी जनक वाटिका
वृक्ष मित्र शिक्षक निहालसिंह लांबा जिस स्कूल में गए वहां पौधरोपण को बढ़ावा दिया। लेकिन गाजसर रामावि में आने के बाद उन्होंने अपने पिता स्वतंत्रता सैनानी नारायण सिंह लांबा की स्मृति में जनक वाटिका तैयार कर दी। इस पर उन्होंने अपनी जेब से हजारों रुपए खर्च किए। स्कूल में घुसते ही तरह-तरह के फूलों की खुशबू आने लगती है। उन्होंने अगस्त 2018 में वाटिका का काम शुरू किया था। अब वाटिका तैयार हो चुकी है। लांबा अपनी तरफ से एक लाख रुपए अब तक खर्च कर चुके हैं। पूरे परिसर में सिंचाई के लिए पाइप लगवाई है। पौधरोपण के लिए करीब 10 हजार रुपए का सहयोग स्टाफ ने भी दिया है। सर्दी में पौधों की सुरक्षा के लिए शिक्षक व विद्यार्थी अपने-अपने घरों से कपड़े ला रहे हैं। अधिकतर पौधों के कपड़े लगा दिए गए हैं। लांबा ने बताया कि 20 चंपा, 50 गुलमोहर, 70 लाल-पीले कनेर व गेंदा, सदाबहार, 30 गुड़हल, राम की माला, केश, रात की रानी, एक बिल्थम, 10 मनी प्लांट, 20 बिगनबेल, क्रिशमश, स्कूल के बरामदों में 40 गमले, औषधीय पौधे (गिलोय, अक्षण), 50 नीम, 40 करंज, 30 शीशम, 10 सिरस, गोछिया, 40 अरडूू, पांच जामुन, सहित करीब पांच सौ पौधे स्कूल में लगाए जा चुके हैं। छुट्टियों के दिन लांबा पौधों की देखरेख करते हैं। पौधों को पूरी योजना से लगाया गया जिससे कभी उन्हे काटने नहीं पडं़ेगे। चारदीवारी पर जगह-जगह पौधरोपण व पर्यावरण सरंक्षण के लिए श्लोगन लिखवाए गए हैं। लांबा अब तक विभिन्न स्कूलों में करीब 10 हजार पौधे लगा चुके हैं। उनके घर पर भी अनेक किस्म के पेड़-पौधे लगे हैं।
&स्कूल में पौधरोपण के लिए सभी शिक्षक व विद्यार्थी अपने-अपने हिसाब से सहयोग कर रहे हैं। लेकिन इसमें शिक्षक निहालसिंह लांबा का विशेष योगदान रहा है। उनकी वजह से पौधरोपण का कामकाज काफी अच्छे तरीके से चल रहा है।
दिलीपसिंह शेखावत, प्रिंसिपल, रामावि, गाजसर

पौधरोपण के लिए छपवाई संग्रह पर्ची
पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए स्कूल में वृक्ष मित्र नाम से धन संग्रह पर्ची भी छपवाई गई है। पौधरोपण के लिए स्कूल से लेकर ग्रामीण तक आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। हालांकि अभी तक ग्रामीणों का इसमें कम सहयोग रहा है। एक से लेकर कितने रुपए भी सहयोग दे सकते हैं। सहयोग देने वालों को जमापर्ची भी दी जाती है। सहयोग देने वालों के नाम से पौधे लगाए जाते हैं। स्कूल में अब तक पांच सौ पौधे लगाए जा चुके हैं। स्कूल जुलाई 2018 में शुरू हुआ था।

Published on:
25 Dec 2018 12:23 pm