मुजफ्फरनगर

मांग नहीं मानी तो लोगों ने सड़क पर लगा दिया जाम

गांव धीरवास बड़ा में अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने एवं गांव में स्थित शराब ठेके को गांव से बाहर स्थापित करने की मांग को लेकर चार दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों का आक्रोश फूट गया।
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taranagar churu

गांव धीरवास बड़ा में अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने एवं गांव में स्थित शराब ठेके को गांव से बाहर स्थापित करने की मांग को लेकर चार दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों का आक्रोश फूट गया। लोगों ने रविवार सुबह 11 बजे तारानगर-साहवा मार्ग पर कुछ देर तक जाम लगाकर मार्ग पर विरोध-प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शराब पर रोक लगाने की मांग की।

लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस व अधिकारी शराब ठेकेदारों से मिले हुए हैं। वे लोगों की मांग की अनदेखी कर रहे हैं। करीब 15 मिनट तक चले जाम व प्रदर्शन के कारण आवागमन बंद हो गया। वाहन चालकों को परेशानी हुई। साहवा चौकी प्रभारी मदनसिंह पुलिस जाब्ते मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। मार्ग से हटाकर रास्ता खुलवाया।

धरना स्थल पर पुलिस व ग्रामीणों की वार्ता हुई। ग्रामीणों ने गांव में बिक रही शराब पर तुरंत रोक लगाने एवं शराब ठेके को गांव से बाहर स्थापित करने की मांग की। पुलिस ने ठेकेदार से वार्ता कर गांव में स्थित शराब ठेके को गांव से बाहर स्थापित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन समाप्त कर दिया लेकिन धरना जारी रखा।

ग्रामीणों ने कहा कि मांग पूर्णरूप से नहीं माने जाने तक धरना जारी रखेंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में जनक्रांति मंच व शराबबंदी आंदोलन के जिलाध्यक्ष हरिसिंह बेनीवाल, महावीर भांभू, निर्मल प्रजापत, जयवीर गोदारा, रामलाल पारीक, भंवरलाल गौड़, दीपचंद खालिया आदि शामिल थे।

सादुलपुर. लाखलाण बड़ीमें लोगों ने पंचायत कर शराबबंदी का निर्णय लिया। राउमावि के सामने नारे लगाए। एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

Published on:
30 Apr 2017 10:53 pm