राजस्थान की वीर प्रसूता माटी के महान योद्धाओं का सम्मान करने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में एक बड़ा ऐतिहासिक ऐलान किया है।
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के हृदय स्थल चूरू में रविवार को 'वीरता' और 'सम्मान' का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय सेना द्वारा आयोजित 'गौरव सेनानी समारोह' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने चूरू जिला खेल स्टेडियम का नामकरण 1971 के युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर करने की महत्वपूर्ण घोषणा की।
चूरू खेल स्टेडियम अब केवल खिलाड़ियों की पौध ही नहीं तैयार करेगा, बल्कि यहाँ आने वाला हर युवा लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह के नाम से देशभक्ति की प्रेरणा लेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेडियम का नाम बदलने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को राजस्थान के वीरों के बलिदान और नेतृत्व क्षमता से परिचित कराना है।
लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ भारतीय सैन्य इतिहास के उन विरले योद्धाओं में से हैं, जिनकी रणनीति और साहस की मिसाल आज भी दुनिया भर की सैन्य अकादमियों में दी जाती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केवल घोषणाएं ही नहीं कीं, बल्कि पूर्व सैनिकों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी जताई। समारोह के दौरान उन्होंने कई पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों और निजी क्षेत्रों में जॉब लेटर्स (नियुक्ति पत्र) प्रदान किए।