चूरू

रात 12 बजे थम गए रोडवेज बसों के चक्के, चूरू आगार को 8.50 लाख का नुकसान

राजस्थान परिवहन निगम के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत रोडवेजकर्मी बुधवार को हड़ताल पर रहे
2 min read
Jul 26, 2018
Roadway protests
Roadway protests

चूरू.

राजस्थान परिवहन निगम के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत रोडवेजकर्मी बुधवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान मंगलवार रात 12 बजे चूरूव सरदारशहर डिपो की बसों के चक्के थम गए। हड़ताल के कारण चूरू आगार की 76 बसें ठप रहने से रोडवेज को करीब साढ़े आठ लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।


वहीं लोक परिवहन व निजी बसों में यात्रियों की भीड़ रही। चक्काजाम के कारण सारी बसें वर्कशॉप व डिपो परिसर में ही खड़ी रही। शहर के नर्बदादेवी सोनी व धर्मस्तूप बस स्टंैड पर बसों का लोगों का आवागमन भी कम रहा। उधर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मियों ने मांगों को लेकर सरकार व रोडवेज विरोधी नारे लगाकर आक्रोश जताया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि रोडवेजकर्मी जनवरी माह से अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मगर सरकार ने नईबसों की खरीद, नई भर्ती करने, सेवानिवृत कर्मचारियों को उनके परिलाभों के भुगतान करने, महंगाई भत्ता देने व सातवां वेतनमान लागू करने जैसी मांगों की अनदेखी कर रही है। इसका खमियाजा सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।


संघर्ष समिति के ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि धरने को किसान महासभा के उपाध्यक्ष कुरड़ाराम दमीवाल, किसान सभा के तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश बिस्सू, असंगठित क्षेत्र मजदूर यूनियन एटक के अध्यक्ष खेमसिंह चौहान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता, राजस्थान निर्माण श्रमिक संगठन एटक के राजवीर कुल्डिय़ा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यूनियन की अध्यक्ष सविता धोलिया आदि ने संबोधित कर हड़ताल को समर्थन दिया। धरने पर बड़ी संख्या में रोडवेजकर्मी शामिल हुए।


यात्री परेशान, लाखों का नुकसान

सरदारशहर. बारह सूत्री मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर रोडवेजकर्मियों ने चक्काजाम किया। बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। रोडवेज डिपो के आगे कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने कहा कि सरकार रोडवेजकर्मियों की मांगों पर शीघ्र विचार करें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे। इस मौके पर एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकृष्ण छिंपा, जगदीश शर्मा, मालीराम शर्मा, हनुमान मूंड, मांगू खां, गणेशदास स्वामी, मदनलाल पारीक, बाबू खां, बनवारीलाल शर्मा, धर्मवीरसिंह, रामेश्वर भास्कर ने सरकार को आड़े हाथों लिया। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ व असंगठित मजदूर संघ ने हड़ताल का समर्थन किया। धरने पर हमीरसिंह, भंवराराम सेन, लक्ष्मीनारायण जांगिड़, वीरसिंह, मुरलीधर माली, शंभुदयाल, नरेन्द्रसिंह, राजकुमार सिंह, दिलसुख कुल्डिय़ा, रामचन्द्र माली आदि बैठे।

हड़ताल पर रहे रोडवेजकर्मी


तारानगर. प्रदेश व्यापी आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेजकर्मी हड़ताल पर रहे। उन्होंने बस स्टैंड पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस कारण बसों के चक्के थमे रहे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में हरिराम सैनी, प्रतापसिंह, चुन्नीराम, जसवंत बेनीवाल, मनीराम पूनिया, भंवरलाल, बाबूलाल शर्मा, रोहिताष, मो. हुसैन, महावीर नाई, नवरतन शर्मा, राजू, महेन्द्र स्वामी, बलवान पूनिया, जयलाल सहू, पवन शर्मा, राजेन्द्र
सोनी, रामजीलाल शर्मा आदि शामिल थे। अखिल भारतीय किसान सभा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यूनियन, रोड़वेज बस स्टैंड एसोसिएशन आदि संगठनों ने भी रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का समर्थन किया है।

Published on:
26 Jul 2018 11:24 am