औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम कर अपना भरण पोषण करने वाले पति-पत्नी और पुत्र के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। सर्दी से बचने के लिए कमरे में सिगड़ी जलाकर सोना पति पत्नी और पुत्र के लिए जानलेवा साबित हुआ।
सादुलपुर (चूरू)। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम कर अपना भरण पोषण करने वाले पति-पत्नी और पुत्र के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। सर्दी से बचने के लिए कमरे में सिगड़ी जलाकर सोना पति पत्नी और पुत्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। बंद कमरे में सिगड़ी से निकले जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से बिहार निवासी तीनों मजदूर बेहोश हो गए।
सुबह जब आसपास के लोगों को उनकी कोई हलचल नहीं दिखी, तो घटना की जानकारी हुई। तुरंत उन्हें सैनिक कॉलोनी स्थित अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉ. अरविंद झाझड़िया और चिकित्सकों की टीम ने तीनों का इलाज शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान महिला मजदूर अमरीका देवी पत्नी विजय माथुर की मौत हो गई।
वहीं, विजय माथुर और पुत्र मनीष माथुर की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक डॉ. हिमांशु बेडवाल ने बताया कि बंद स्थान पर सिगड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो बेहद जहरीली होती है। इसी गैस के कारण तीनों मजदूरों का दम घुट गया और यह हादसा हुआ।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं मामले में चिकित्सकों ने आम लोगों को संदेश देते हुए कहा की है कि सर्दी के मौसम में बंद कमरों में सिगड़ी या अंगीठी जलाकर न सोएं क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।