चूरू

जानलेवा बना स्वाइन फ्लू,जिले में अलर्ट

तेज सर्दी के शुरू होने के साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू अचानक सक्रिय हो गया है। बीते एक सप्ताह में तीन लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। वर्ष 2018 में अब तक 11 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं।
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Dec 26, 2018
churu news
जानलेवा बना स्वाइन फ्लू,जिले में अलर्ट

केस एक: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में सादुलपुर तहसील के बास गोविन्दसिंह की 40 वर्षीय एक महिला कौशल्या देवी बुखार से पीडि़त थी। पिलानी में उपचार कराया कोईफायदा नहीं हुआ। बाद में बाद में उसे जयपुर रैफर कर दिया। उपचार के दौरान उसकी यहां मौत हो गई।

केस दो: सरदारशहर के वार्ड 36 के मोहम्मद इलियास मधुमेह से पीडि़त थे। वह दुबई से कुछ दिन पूर्वही आए थे। 14 दिसंबर को खांसी बुखार की शिकायत हुई। अस्पताल में जांच करवाई। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। जयपुर के मणिपाल अस्पताल में व्यक्ति की मौत हो गई।

केस तीने: बीदासर के वार्ड 18 की महिला रजिया सोलंकी 17 दिसंबर को सीएचसी से दवा लेकर गई थी। दवा से कोईफायदा नहीं हुआ।19 दिसंबर को लाडनूं के अस्पताल में दिखाया। 20दिसंबर को उसे जयपुर में एसएमएस अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद मौत हो गई।

स्वाइन फ्लू की स्थिति
वर्ष पॉजीटिव मौत
2012 09 06
2013 24 05
2014 00 00
2015 84 09
2016 04 02
2017 09 02
2018 11 03

चूरू. तेज सर्दी के शुरू होने के साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू अचानक सक्रिय हो गया है। बीते एक सप्ताह में तीन लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। वर्ष 2018 में अब तक 11 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। जिसमें तीन की मौत हो चुकी है। मौत के बाद चिकित्सा महकमा कम सक्रिय दिख रहा है। इस संक्रामक रोग के बढऩे से क्षेत्र के लोगों में भय भी व्याप्त है। बीते कुछ वर्षों की बात करें तो 2009 में सर्वाधिक नौ मौत स्वाइन फ्लू से ही हुई थी। जबकि 2012 में छह व 2013 में कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो स्वाइन फ्लू विषाणु जनित रोग है। जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाने से फैलता है। चिकित्सकों के मुताबिक सर्दी, खांसी, जुखाम व बुखार से ग्रसित होने पर तत्काल अस्पातल में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक लक्षणों को ध्यान में रखते हुए समय पर उपचार लेने से इस रोग से ग्रसित होने की संभावना क्षीण हो जाती है।


मृतका का भाई रैफर
बीदासर. कस्बे के वार्ड 18 की स्वाइन फ्लू पीडि़त 45 वर्षीय महिला रजिया सोलंकी की एसएमएस अस्पताल जयपुर में उपचार के दौरान सोमवार को हुई मौत के बाद मंगलवार को चिकित्सा विभाग की टीम फिर से घर पर पहुंंची। टीम ने परिवार के 11 लोगों की जांच की और मृतका के पुत्र व पुत्री के सैंपल लिए। टीम में शामिल डा. मनस्वी, डा. राजेश गुप्ता, मो. शरीफ , संजय कुमार, लैब टेक्नीशियन कुशाल सिंह राठौड़ ने मृतका के पुत्र साबिर, मदीना का सैम्पल लिए। सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा. राजेश गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को लाडनूं निवासी मृतका का भाई मो. हनीफ अस्पताल में दिखाने आया। सांस लेने में तकलीफ होने पर संदिग्ध रोगी मानते हुए उसको हाई सेंटर रैफ र कर दिया गया। डा. गुप्ता ने बताया कि वार्ड 18 में महिला के हुई स्वाइन फ्लू को लेकर बीदासर चिकित्सा विभाग की टीम ने 22 से 25 दिसम्बर तक तीन दिनों में 150 घरों का सर्वे किया। जिसमे सर्दी, जुखाम के 27 रोगी मिले, 26 रोगियों को टेमीफ्लू की दवाइयां दी गई।

Published on:
26 Dec 2018 12:24 pm