चूरू

दोषियों पर हो कार्रवाई, परिजनों को मिले मुआवजा

सर्व समाज के लोगों ने गुरुवार को एडीएम रामरतन सौंकरिया को ज्ञापन सौंपकर हादसे में अकाल मौत की शिकार हुई छात्रा के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन में लिखा गया कि गत 25दिसंबर को खासोली-रामनगर तिराहे पर बस की टक्कर से घायल छात्रा प्रियंका की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

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Dec 28, 2018
churu compensation news
दोषियों पर हो कार्रवाई, परिजनों को मिले मुआवजा

चूरू.

सर्व समाज के लोगों ने गुरुवार को एडीएम रामरतन सौंकरिया को ज्ञापन सौंपकर हादसे में अकाल मौत की शिकार हुई छात्रा के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन में लिखा गया कि गत 25दिसंबर को खासोली-रामनगर तिराहे पर बस की टक्कर से घायल छात्रा प्रियंका की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। रतनगढ़ के मंगलदत्त विद्यालय की उक्त छात्रा स्कूल की ओर से पिकनिक पर पिलानी गई थी। रास्ते में लघुशंका के लिए बस से उतरी तो ट्रक की टक्कर से गंभीर घायल हो गई। बस में विद्यार्थियों के साथ कोई शिक्षक नहीं था। इनके साथ कोई स्टाफ सदस्य होता तो शायद ये हादसा नहीं होता। इस लापरवाही के लिए स्कूल प्रशासन व दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। मृतक छात्रा के परिजनों को मुआवजा दिलाया जाए। ज्ञापन देने वालों में विष्णु सोनी, अमजद तुगलक, राजेश लाटा, सचिन जांगिड़, सुनील खटीक, प्रकाश नायक, कपिल चंदेल, हर्ष शर्मा, मोतीलाल कल्ला, मुकेश प्रजापत व राजू डायर आदि शामिल थे।
प्रजापति समाज ने की मुआवजे की मांग
रतनगढ़. प्रजापति समाज ने गुरुवार को एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क हादसे में मौत की शिकार हुई छात्रा के परिजनों को मुआवजा देने व दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इससे पहले प्रजापति भवन में हुई प्रजापत समाज की बैठक में समाज के लोगों ने मंगलदत्त माध्यमिक स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के प्रति आक्रोश जताया। समाज के लोगों ने बताया कि २५ दिसम्बर को उक्त विद्यालय प्रबंधन छात्राओं को बस में पिलानी लेकर गया था। वापस लौटते समय छात्राओं ने लघु शंका की इच्छा जाहिर की तो स्टाफ व चालक ने लापरवाही बरतते हुए खासोली रामनगर तिराहे पर बस रोक दी। जहां लघुशंका की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान सड़क पार करते समय रतनगढ़ की ११ वर्षीय प्रियंका प्रजापत वाहन की टक्कर से घायल हो गई। उसे चूरू के भरतिया अस्पताल से चिकित्सकों ने जयपुर रैफर कर दिया। मगर संस्थाप्रधान ने रैफर के कागजातों पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। इस देरी के कारण चोटिल बच्ची की मौत हो गई। ज्ञापन में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने व परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र नोखवाल, दौलतराम पेंसिया, हनुमान बारवाल, लालचंद मारोठिया, तिलोक मारोठिया, बाबूलाल सिरस्वा, गोविंद बबेरवाल, गुरूदत्त खटोड़, रमेश कुमावत आदि शामिल थे।

Published on:
28 Dec 2018 12:13 pm