चूरू में बालिका सैनिक स्कूल की स्थापित किए जाने की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन बताया जता है कि स्कूल खोले कहां, यह विभाग के समक्ष समस्या खड़ी हो गई। निकट के गांव रीबीया में एक जगह भी हाथ आई, लेकिन वह छोटी पड़ गई इसलिए स्कूल खोले जाने के कदम जहां थे वहां से एक कदम भी आगे नहीं बढ़े।
चूरू. बालिकाओं की सेना में भागीदारी निहित करने की दृष्टि से राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2024 के बजट में चूरू में बालिका सैनिक स्कूल (Churu Girls Sainik School) की स्वीकृति जारी हुई लेकिन न जाने स्कूल कहां गुम हो गई कि किसी को कोई पता तक नहीं है। हालांकि पिछले साल सुगबुगाहट हुई थी कि चूरू के निकट गांव रीबीया में स्कूल के लिए जमीन देखी भी नहीं लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला जिससे आज भी चूरू जिले के बालिकाओं को सैनिक स्कूल का इंतजार है।
नहीं मिल रही थी जगह
चूरू में बालिका सैनिक स्कूल की स्थापित किए जाने की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन बताया जता है कि स्कूल खोले कहां, यह विभाग के समक्ष समस्या खड़ी हो गई। निकट के गांव रीबीया में एक जगह भी हाथ आई, लेकिन वह छोटी पड़ गई इसलिए स्कूल खोले जाने के कदम जहां थे वहां से एक कदम भी आगे नहीं बढ़े।
कम से कम चाहिए 44 बीघा जमीन
शिक्षा विभाग के अनुसार बालिका सैनिक स्कूल के लिए कम से कम 44 बीघा जमीन चाहिए। इतनी बड़ी जमीन कहां मिले फिर भी प्रशासन की ओर से जमीन की खोज जारी रही, लेकिन पार नहीं पड़ी।
रतनगढ़ में दानदाता हुआ तैयार
शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो रतनगढ़ में एक दानदाता ने भूमि दान करने की पहल की। जानकारी के अनुसार करीब 6 माह पहले दानदाता की ओर भूमि देने की पहल हुई। शिक्षा विभाग की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद स्वीकृति नहीं मिली।
और सीकर में खुल गया स्कूल
चूरू के लिए दो साल पहले स्वीकृत हुए सैनिक स्कूल नहीं खुला, लेकिन इसके बाद सीकर में बालिकाओं का सैनिक स्कूल खुल गया। अब चूरू में सैनिक स्कूल खुलेगा या नहीं इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। इसलिए बालिकाओं का सैनिक स्कूल खुलेगा या नहीं कुछ कहना मुश्किल है।
भेजा था प्रस्ताव
सहायक उपनिदेशक गोविंद सिंह राठौड़ ने बताया था कि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के उनके कार्यकाल के दौरान रतनगढ़ में एक दानदाता की ओर से प्रस्तावित जमीन का प्रस्ताव भिजवाया गया था।
इनका कहना है
जिले में बालिका सैनिक स्कूल खोला जाना है, शुरुआत में जमीन की समस्या आई और रतनगढ़ में स्कूल के जमीन देखी गई जिसके प्रस्ताव भी भिजवाए गए। जिले के लिए स्कूल स्वीकृत है इसलिए जमीन संबंधित समस्या का समाधान कर सरकार से इसके क्रियान्वयन के प्रयास किए जाएंगे। अभिनेश महर्षि, पूर्व विधायक, रतनगढ़