
चूरू. मनरेगा के वर्ष 2023-24 के कार्यों के लंबित भुगतान को पास करने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने बुधवार को जिला परिषद कार्यालय के कनिष्ठ सहायक को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी श्रीगंगानगर इकाई की ओर से जिला मुख्यालय के पुराने कलेक्ट्रेट परिसर में की गई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। श्रीगंगानगर एसीबी (ACB Sriganganagar) टीम ने यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर की। जानकारी के अनुसार, चूरू जिला परिषद में कार्यरत कनिष्ठ सहायक सुभाष चंद्र शर्मा को सह परिवादी से उसकी ग्राम पंचायत की ओर से वर्ष 2023-24 के मनरेगा के तहत करवाए गए कार्यों के लंबित भुगतान करवाने की एवज में 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
परिवादी की शिकायत पर की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर एसीबी चौकी को परिवादी की एक शिकायत इस आशय की मिली थी। परिवादी ने शिकायत में एसीबी को बताया कि उसकी ग्राम पंचायत की ओर से वर्ष 2023-24 के मनरेगा के तहत करवाए गए कार्यों के लंबित भुगतान करवाने की एवज में 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर 10 हजार रुपए फोन से ऑनलाइन लेने, बाकी शेष 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है एवं नहीं देने पर भुगतान नहीं करवाने की धमकी देकर परेशान कर रहा है।
महानिरीक्षक का सुपरविजन
एसीबी के आईजी राजेश सिंह के सुपरविज़न, भ्रष्टाचार निरोधक बीकानेर रेंज डीआईजी भुवन भूषण यादव के निर्देशन में तथा एसीबी श्रीगंगानगर के एएसपी पवन कुमार मीणा के नेतृत्व में बुधवार को एसीबी सीआई राजेंद्र कुमार ने टीम के साथ ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरोपी कनिष्ठ सहायक जिला परिषद चूरू सुभाष चंद को सह परिवादी से 5 हजार रुपए बतौर रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया है।
पूछताछ जारी
एसीबी की एडीजी पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्रवाई जारी है। एसीबी की ओर से मामले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
Published on:
19 Feb 2026 12:19 pm
बड़ी खबरें
View Allचूरू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
