गांव खोखरी में आमजन को आरओ प्लांट का मीठा पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद ग्रामीणों का फिल्टर पानी पीने का सपना अधूरा है।
लाडनूं. गांव खोखरी में आमजन को आरओ प्लांट का मीठा पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद ग्रामीणों का फिल्टर पानी पीने का सपना अधूरा है। क्योंकि आरओ प्लांट के पास लगे ट्यूबवैल में पानी का प्रेशर कम है। ऐसे में प्लांट के पास लगी टंकियों में पानी नहीं भरने के कारण यह सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है। पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण करीब दो माह से आरओ प्लांट बंद पड़ा है। आरओ प्लांट पर धूल जम गई है। इसका संचालन नहीं होने के कारण कोई टंकियों के लगी पाइपों को तोड़कर ले गया। देखभाल के अभाव में टंकियों में भी गंदगी जमी हुई है। जानकारी के अनुसार करीब पांच वर्ष पहले गांव में लोगों को मीठा व फिल्टर पानी उपलब्ध करवाने के लिए आरओ प्लांट लगाया गया था। सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों ने कार्ड भी बनवाए। लेकिन दो माह से उन्हें सुविधा का कोईलाभ नहीं मिल पा रहा है।
कार्ड बना दिए, नहीं मिल रहा फिल्टर पानी
फिल्टर पानी लेने के लिए कई ग्रामीणों ने करीब दो माह पहले कार्ड भी बनवाए थे। लेकिन आरओ प्लांट चालू नहीं होने के कारण उन्हें मीठा पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार महकमा इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बल्दू में भी पड़ा बंद
ये ही हाल बल्दू में लगे आरओ प्लांट के हैं। वहां पर भी आरओ प्लांट पिछले कई महीनों से बंद है। आरओ प्लांट को शुरू करवाने के लिए कुछ दिनों पहले लोगों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया था। अब तक इसे शुरूकरने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
पेयजल की समस्या
गांव खोखरी के मेघवालों के मोहल्ले में स्थित इस ट्यूबवैल में पानी का प्रेशर कम होने के कारण पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों की मानें तो ट्यूबवैल में पानी का प्रेशर काफी कम है। पेयजल की समस्या के चलते मजबूरी में घरों में टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं।