चूरू

सर्जरी विभाग के दोनों ओपीडी कक्ष से डाक्टर गायब, स्टे्रचर पर मरीज को लेकर डॉक्टरों को ढूंढते रहे परिजन

मंगलवार को प्रिंसिपल व अधीक्षक के यहां नहीं होने पर फिर से डाक्टरों की ड्यूटी में लापरवाही देखने को मिली। इसके कारण सर्जरी के मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा

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Aug 01, 2018
db hospital news

चूरू.

मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल प्रशासन की ढिलाई के कारण डॉक्टरों की लापरवाही नहीं थम रही। मंगलवार को प्रिंसिपल व अधीक्षक के यहां नहीं होने पर फिर से डाक्टरों की ड्यूटी में लापरवाही देखने को मिली। इसके कारण सर्जरी के मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। पत्रिका ने पड़ताल की तो सर्जरी के दोनों ओपीडी कक्ष में दोपहर के समय एक भी डॉक्टर नहीं थे जिससे मरीजों को भटकना पड़ा। वहीं मेडिसिन ओपीडी के दोनों कक्षों में डॉक्टर उपस्थित रहे।

कार्यवाहक अधीक्षक डा. एफएच गौरी के पास शिकायत करने पर भी मामले का समाधान नहीं हुआ। हालांकि अस्पताल में यह स्थिति अक्सर देखने को मिलती है लेकिन इसका स्थाई समाधान नहीं हो रहा है। प्रशासन ऐसे चिकित्सकों पर कार्रवाई करने का मन नहीं बना रहा। बताया जा रहा है कि मंगलवार को चार सर्जन डाक्टर ड्यूटी पर थे दो डाक्टर ऑपरेशन थिएटर में बताए जा रहे थे लेकिन दो डॉक्टर कहां थे इसका पता अस्पताल प्रशासन को भी नहीं रहा। जानकारी के मुताबिक सर्जरी विभाग में प्रोफेसर से लेकर एसआर, जेआर सहित करीब १० सर्जन कार्यरत हैं।


भर्ती मरीजों को भी होती है परेशानी

वहीं भर्ती मरीजों के लिए अलग से दवा वितरण केन्द्र नहीं होने से मरीजों के परिजनों को दवा लेने के लिए कतार में लगना पड़ता है और एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सुबह कई बार चिकित्सकों के राउंड के समय वे दवा नहीं ले पाते हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ढिलाई मरीजों पर दिनो-दिन भारी पड़ रही है।


दवा लेने के लिए लंबा इंतजार

वहीं अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के कारण नेत्र, ईएनटी व त्वचा रोग विभाग में मरीजों को दवा लेने के लिए कम से कम एक घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन यहां पर दवा वितरण केन्द्र की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। यहां प्रतिदिन छह सौ या इससे अधिक ओपीडी रहती है। फिर भी एक ही दवा वितरण काउंटर से काम चलाया जा रहा है। मरीजों का अधिक भार होने के कारण वहां कार्यरत फर्मासिस्ट को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन फर्मासिस्टों की नई भर्ती नहीं कर रहा।

Published on:
01 Aug 2018 12:26 pm
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