चूरू

गांव बीनादेसर के युवक का तीन दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार

भाई ने कम्पनी मालिक पर लगाया हत्या का आरोप । गांव बीनादेसर के मृत युवक परमेश्वर राव (२२) का तीन दिन बाद रविवार शाम अंतिम संस्कार किया गया। रविवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मौके पर एसडीएम संजू पारीक, डीएसपी नारायणदान, सीआई राणीदान, तहसीलदार गोकुलदान ने परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश की लेकिन वार्ता बेअसर रही।
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Dec 24, 2018
churu binadesar news
गांव बीनादेसर के युवक का तीन दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार

भाई ने कम्पनी मालिक पर लगाया हत्या का आरोप
राजलदेसर. गांव बीनादेसर के मृत युवक परमेश्वर राव (२२) का तीन दिन बाद रविवार शाम अंतिम संस्कार किया गया। रविवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मौके पर एसडीएम संजू पारीक, डीएसपी नारायणदान, सीआई राणीदान, तहसीलदार गोकुलदान, राजलदेसर एसएचओ मलकीयतसिंह, छापर एसएचओ मनोज कुमार ने परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश की लेकिन वार्ता बेअसर रही।

शाम चार बजे बाद सारस्वत समाज के पांचों थामों के पंच कन्हैयालाल, मेघराज, ईश्वरराम, ओम प्रकाश, सोहनलाल सारस्वत मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से वार्ता कर अंतिम संस्कार किया। दोनों पक्षों के बीच क्या वार्ता हुई जानकारी नहीं मिली। पंच कन्हैयालाल ने बताया कि राव परिवार हमारे समाज से जुड़ा हुआ है। हम लोगों ने सामाजिक तौर पर समझौता कर लिया है। शव का दाह संस्कार करवाने के लिए ले जा रहे हैं। गौरतलब है कि परमेश्वर राव बेंगलुरु में एक फर्म में नौकरी कर रहा था। फर्म मालिक ने परमेश्वर राव द्वारा गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मरग बेंगलुरु के अन्नपूर्णेश्वरी पुलिस थाने में दर्ज करवाई। पोस्टमार्टम के बाद शव बेंगलुरु से प्लेन द्वारा जयपुर व जयपुर से किराए की निजी एम्बुलेंस से गांव बीनादेसर लेकर आए। गांव की सीमा पर परिजनों व ग्रामीणों को फोन करके बुलाया तथा परमेश्वर की मौत के बारे में जानकारी दी। फर्म मालिक बीकानेर निवासी भुवनेश्वर ओझा व महेश सारस्वत ने दस लाख रुपए सहायतार्थ देने की कहते हुए शव गांव की सीमा पर एम्बुलेंस में ही छोड़कर वहां से रुपए लेकर आने का कहकर चले गए। शुक्रवार देर शाम तक फर्म मालिक वापस नहीं पहुंचे। मृतक के बड़े भाई जितेन्द्र ने फर्म मालिकों पर मौत के संबंध में सूचना नहीं देने तथा हत्या करने का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम दुबारा करवाने, आरोपितों को गिरफ्तार करने की बात की। मामला यहां के पुलिस थाने में रखने व दस लाख रुपए दिलवाने की मांग रखी। इस संबंध में डीएसपी नारायणदान ने बताया कि सामाजिक स्त्तर पर समझौता होने के बाद मामला शंत हो गया है। पुलिस में अभी तक किसी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है।

Published on:
24 Dec 2018 11:48 am