युवक की जीप से कुचल कर की गई हत्या के परिजनों के आरोप लगाने के बाद भी पुलिस दुर्घटना या हत्या के फेर में उलझी रही। यही वजह थी कि घटना के तीन दिन बाद तारानगर पुलिस उप अधीक्षक की दखल के बाद पहले तो गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद परिजन शव नहीं उठाने पर अड़ गए तो दबाव में पुलिस को झुकना पड़ा और ढाई घंटे बाद लिखित आश्वासन देकर जीप चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
चूरू. जिले के साहवा थाना इलाके में एक युवक की जीप से कुचल कर की गई हत्या के परिजनों के आरोप लगाने के बाद भी पुलिस दुर्घटना या हत्या के फेर में उलझी रही। यही वजह थी कि घटना के तीन दिन बाद तारानगर पुलिस उप अधीक्षक की दखल के बाद पहले तो गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद परिजन शव नहीं उठाने पर अड़ गए तो दबाव में पुलिस को झुकना पड़ा और ढाई घंटे बाद लिखित आश्वासन देकर जीप चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद परिजनों ने मृतक का 45 घंटे बाद पोस्टमार्टम करवा कर शव उठाया।
ये था मामला
गांव धीरवास छोटा निवासी परमेश्वर लाल सहारण पुत्र शीशपाल जाट (43) की सोमवार को गांव डाबड़ी बस स्टेंड से तारानगर साईड में ईंट भट्टे के पास संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने उसके साथ खेजड़ी के लूंगी का कारोबार करने वाले सीकर जिला निवासी एक जीप चालक और एक अन्य साथी पर पैसों के लेनदेन को लेकर जीप से कुचल कर हत्या करने का आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने कीमांग कर रहे थे। इधर, पुलिस इसे महज जीप चालक की लापरवाही के चलते हुआ हादसा मानते हुए मामला दर्ज कर रही थी। इसके बाद परिजन आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज नहीं होने तक शव नहीं लेने पर अड़ गए। बाद में पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे आरोपियों के खिलाफ धारा 304 ए व 279 में मामला दर्ज कर लिया। परिजन भड़क गए और राजकीय चिकित्सालय तारानगर की मोर्चरी के पास इक्ट्ठे होकर विरोध करने लगे। मामला उलझता देख तारानगर सीओ जयप्रकाश बैनीवाल ने मृतक के परिजनों से वार्ता की। साहवा एसएचओ अलका बिश्नोई को दर्ज मामले में धारा 302 जोड़कर जांच करवाने व लिखित में आश्वासन देने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड पोस्ट मार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा तब कहीं जाकर मामले शांत हुआ।