चूरू

जिले की ये 29 स्कूलें जिन पर अधिकारियों की नजर

बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम गत वर्ष कमजोर रहा है, उसे ठीक करने के लिए शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। अब इन स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं।
2 min read
Feb 12, 2019
churu news
जिले की ये 29 स्कूलें जिन पर अधिकारियों की नजर

चूरू. बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम गत वर्ष कमजोर रहा है, उसे ठीक करने के लिए शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। अब इन स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं। चूरू जिले में करीब 29 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 0 से ५० प्रतिशत रहा। ऐसे स्कूलों के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राजकीय विद्यालयों में भौतिक उन्नयन के साथ-साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के शैक्षिक उन्नयन पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने कवायद तेज कर दी है, ताकि इस सत्र का बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके। एक्सपर्ट अध्यापकों की मदद से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां शुरु कर दी है।

इन स्कूलों में रहा कमजोर परिणाम
राउमावि रतनादेसर, कांगड़ राउमावि, पण्डरेऊ ताल रामावि, तारानगर रा इन्द्रमणि बालिका माध्यमिक विद्यालय, खरतवासिया राउमावि, तारानगर राउमावि, चैनपुरा बड़ा राउमावि, ढ़ाणी लक्ष्मणसिंह रामावि, सहजूसर राउमावि, राजियासर मीठा राउमा, चंगोई राउमावि, गोठ्या बड़ी राउमावि, खारिया रामावि, नूआं रामावि, लाछड़सर राबामावि, सुजानगढ़ गांधी बस्ती राबामावि, बाघसरा पूर्वी रामावि, खुडेरा बड़ा रामावि, बामणियां रामावि, दड़ीबा रामावि, परावा रामावि, लालगढ़ राबामावि, कात्तर बड़ी रामावि, बंदनाऊ राउमावि, पिचकराई ताल राउमावि, शिमला राउमावि, सरदारशहर रामावि नम्बर चार, दूलरासर राबामावि, जैतसीसर राबामावि का परीक्षा परिणाम कमजोर रहा।

ऐसे दूर कर रहे परीक्षा का डर
बोर्ड परीक्षा में छात्रों को किसी प्रकार का डर ना लगे। इसके लिए समय से पहले पाठ्यक्रम पूरा करवाया जा रहा है। छात्रों के अधिगम स्तर के लिए कठिनाई निवारण का प्रयास भी किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थियों के यूनिट टेस्ट लिए जा रहे हंै। वहीं किसी विषय में कमजोर छात्र को विषयाध्यापक के पास बैठाकर उसकी कमजोरी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

मिशन ऑफ मेरिट के आधार पर तैयारी
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी 48 3 राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मिशन ऑफ मेरिट के नाम से अभिनव पहल शुरु की है। इसके तहत सभी बच्चों को अच्छी तैयारी करवाई जा रही है। मिशन ऑफ मेरिट को सफल बनाने के लिए प्रश्न बैंक पुस्तिका तैयार की गई है। जिन स्कूलों का परिणाम कम रहा। वे विद्यालय जिला स्तरीय अधिकारियों को गोद दिए हंै। बोर्ड परीक्षा से पहले परीक्षा के डर को समाप्त करने के लिए मॉडल प्रश्न तैयार करवाए गए हंै। जिनका समय विभाग चक्र बनाकर बच्चों को परीक्षा पूर्व 10-10 मॉडल प्रश्न पत्रों का अभ्यास प्री बोर्ड परीक्षा के रूप में चल रहा है। यह प्रश्न पत्र संस्था प्रधान शाला दर्पण पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।

इनका कहना है
&परीक्षा परिणाम कम रहने के अनेक कारण होते हंै। उनको दूर कर सुधार के प्रयास करते हंै। गत वर्ष से इस बार सुधार हुआ है। इस बार और अधिक सुधार करने की ये कार्य योजना बनाई है।
सांवरमल गहनोलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चूरू


&गत वर्ष 2 छात्राएं 10वीं में अनुत्तीर्ण रही थीं। इस बार चार छात्राएं हंै। सुधार के प्रयास कर रहे हैं लेकिन प्रथम लेवल के 6 में से 3 पद रिक्त हैं, सन् 2009 से प्रधानाध्यापक, गणित विषय का पद रिक्त है।
विनोद मीणा, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक रामावि, परावा

Updated on:
12 Feb 2019 12:40 pm
Published on:
12 Feb 2019 12:40 pm