
चूरू.
राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में 12 सितंबर से कलमबंद असहयोग आंदोलन कर रहे पंचायतीराज कार्मिकों के समर्थन में अब सरपंच भी आ गए हैं। दो अक्टूबर को ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर होने वाली ग्रामसभाओं का सरपंच संघ ने बहिष्कार किया है।
सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार बेनीवाल ने बताया कि पंचायत प्रसार अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों व मंत्रालयिक कर्मचारियों के आंदोलन के चलते इन ग्रामसभाओं का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। ऐसे में जिला सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि दो अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्रामसभा में संकल्प पत्र जीडीपी प्लान, जनकल्याणकारी योजनाओं का वार्षिक प्रतिवेदन के अलावा मतदाता सूचियों के पठन-पाठन जैसे महत्वपूर्ण कार्य होने थे। सोमवार को पंचायत समिति पर अनिश्चितकालीन कलमबंद असहयोग के क्रम में पीईओ व ग्राम विकास अधिकारी धरने पर बैठे। उन्होने समझौता लागू नहीं करने पर राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। वक्ताओं ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में महाआक्रोश रैली में सरकार को कार्मिक सामूहिक इस्तीफे सौपेंगे। पीईओ आनंद शर्मा, सोहनलाल धायल, रणजीत स्वामी, गिरधारी दैया, ओमप्रकाश गौड़, लादूसिंह, बीरबल धारीवाल, भंवरलाल प्रजापत,प्रेमसिंह, सुरेश सैनी, भगवानाराम सैनी, रामनिवास आदि धरने पर बैठे।
लगी 30 लाख की चपत
सुजानगढ़. सूचना सहायकों की हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में आम जन के सामान्य काम अटके पड़े हैं। जिला परिवहन कार्यालय में तीन सूचना सहायकों के हड़ताल पर होने के छह दिनों में 30 लाख रुपए के कर का फटका सरकार को लगा है।
तारानगर. राजस्थान पंचायत राज सेवा परिषद के कार्मिकों ने मांगों को लेकर सोमवार को भी कार्य का बहिष्कार कर पंचायत समिति मुख्यालय पर धरना दिया। कार्मिकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। धरने पर ओंकारसिंह राजवी, छगन लाल छींपा, मोहनलाल स्वामी, टीकू राम मीणा, गजेन्द्रसिंह, नरेन्द्र यादव, कृष्ण कासनिया, राजमल कासनिया, लालचंद, राजेंद्र शर्मा, महेन्द्र सहारण, सुल्तानाराम कार्मिक मौजूद थे।
सुजानगढ़. पंचायत राज सेवा परिषद का धरना पंचायत समिति परिसर में सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। वीडीओ संघ के जिलामंत्री जीवनराम नेहरा ने बताया कि सरकार की अनदेखी के चलते गांवों में दो अक्टूबर को ग्राम सभाएं नहीं होंगी। क्योंकि सरपंचों का समर्थन हमें मिल चुका है। धरने पर ठाकुरमल कताला, जगदीश प्रसाद, मोहनलाल नेहरा, भंवरसिंह चांपावत, बजरंगसिंह, कमलकांत वेदी व जुगलकिशोर कालेर ने कहा कि सफलता नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, राजस्थान फार्मासिस्ट संयुक्त मोर्चा के अभिवन सामरिया ने बताया कि सोमवार को पीएमओ को ज्ञापन देकर अपनी मांगों के समर्थन में दो घंटे कार्य बहिष्कार किया।
बीदासर. राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद की उपशाखा बीदासर के पंचायत प्रसार अधिकारी व ग्रामविकास अधिकारियों का धरना सोमवार को १९वें दिन जारी रहा। वही सरंपच संघ की ओर से कार्मिकों को समर्थन देने से ग्राम पंचायतों पर ताले लगे रहने से पंचायत मुख्यालय पर काम करवाने के लिए आने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर पंचायत प्रसार अधिकारी हंसराज मीणा, रामनारायण माचरा, उगमसिंह, ग्राम विकास अधिकारी गिरधारीलाल सोनी, दूलाराम भामूं, रूपाराम, मदनसिंह, सुरेन्द्रसिंह, लालबहादुर उपस्थित थे।
बीदासर. पंचायत समिति कार्यालय में सोमवार को दोपहर तीन बजे प्रिय ई-सखी की विडियो कांफ्रे स हुई। जिला स्तर पर विभाग के अधिकारियों को वीसी के माध्यम से ई-प्रशासन की जानकारी दी जानी थी। लेकिन सूचना सहायकों की हड़ताल होने के कारण ई-सखियों को पंचायत समिति कार्यालय के बाहर एक घंटा इंतजार करने के बाद कार्यालय नहीं खुलने का विरोध किया। उच्च अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि सहायकों की हड़ताल चल रही है उसमे हम कुछ नही कर सकते हंै।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
सरदारशहर. विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान कानूनगो संघ व राजस्थान पटवार संघ के बैनर तले कानूनगो व पटवारियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने बताया कि राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के साथ 28 अप्रेल 2018 को राज्य सरकार के साथ हुए लिखित समझौते की पालना सरकार नहीं कर रही है। इसके कारण गांधीवादी तरीके से काली पट्टी बांधकर विरोध जताने पर मजबूर होना पड़ा। सरकार शीघ्र समझौते को लागू करे। अन्यथा विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस अवसर पर कानूनगो संघ अध्यक्ष प्रहलादराय पारीक, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मनफूल सिंह सारण, तहसील अध्यक्ष दौलतराम जांगिड़ आदि उपस्थित थे।
सरदारशहर. पंचायत समिति में विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद का चल रहा धरना सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष हनुमान ओला, मंत्री रूपसिंह राजवी, जिला मंत्री लूणाराम सैनी, महावीर सुण्डा, मनोज मेघवाल, हरलाल सुण्डा, विजेन्द्र, हरिराम शर्मा, प्रदीपङ्क्षसह शेखावत, पीईओ संघ के सांवताराम दहिया, रोशनअली नौमानी, पवन पारीक, योगेन्द्रसिंह शेखावत आदि धरने पर बैठे।