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Churu: पैसों के विवाद में की हत्या, GRP कांस्टेबल ने दोस्त को चलती ट्रेन के आगे धकेला, 3 दिन पहले मिला था शव

Murder Case On GRP Constable Manjeet Yadav: चूरू जिले में 3 दिन पहले रेलवे ट्रैक के पास मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि पैसों के लेन-देन के विवाद में एक जीआरपी कांस्टेबल ने अपने साथी के साथ मिलकर दोस्त की हत्या कर उसे चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था।

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चूरू

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Akshita Deora

Jun 20, 2026

Churu Crime News

अपने ही मित्र की हत्या के मामले में गिरफ्तार कांस्टेबल को घटना की शिनाख्त के लिए ले जाते जीआरपी थाना पुलिस (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Crime: चूरू जिले में स्थित सादुलपुर के निकटवर्ती पहाड़सर रेलवे स्टेशन के पास तीन दिन पूर्व मिले अज्ञात शव के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। कानून की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाला एक जीआरपी कांस्टेबल ही अपने दोस्त का हत्यारा निकला। पैसों के लेन-देन के विवाद में कांस्टेबल ने अपने साथी के साथ मिलकर मित्र को चलती ट्रेन के सामने धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। मामले की जांच कर रहे जीआरपी बीकानेर के एएसपी राहुल यादव ने बताया कि हत्या के आरोप में जीआरपी कांस्टेबल मंजीत यादव और उसके साथी विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार और आरोपियों के कपड़े भी बरामद किए हैं। साथ ही घटनास्थल का मौका निरीक्षण करवाकर आरोपियों के बयान दर्ज किए गए हैं।

रातभर कार में घुमाया, फिर ट्रेन के आगे धकेला

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जयप्रकाश और आरोपी मंजीत यादव के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। योजना के तहत आरोपी सोमवार रात जयप्रकाश को अपने साथ कार में बैठाकर ले गया। आरोपी और उसका साथी पूरी रात ग्रामीण क्षेत्रों में घूमते रहे और बाद में उसे पहाड़सर रेलवे स्टेशन के निकट ले गए। वहीं चलती ट्रेन के सामने धक्का देकर जयप्रकाश की हत्या कर दी गई। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी कार में बैठकर वापस सादुलपुर लौट आए।

हत्या को हादसा साबित करने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूरी साजिश के साथ हत्या को रेल हादसा साबित करने की कोशिश की थी। ताकि किसी को उन पर शक न हो। इतना ही नहीं वारदात के बाद आरोपी कांस्टेबल मंगलवार सुबह मृतक के घर भी पहुंचा और परिजनों से जयप्रकाश के बारे में पूछताछ करने लगा। परिजनों ने जब कहा कि जयप्रकाश तो आपके साथ गया था, तब भी आरोपी ने खुद को अनजान बताने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए गहन जांच शुरू की। कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर मामले की परत-दर-परत खुलती चली गई और आखिरकार पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।

बेटे की रिपोर्ट से खुली हत्या की गुत्थी

मृतक के पुत्र पवन कुमार नायक ने 16 जून को जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके पिता जयप्रकाश 15 जून को जीआरपी कांस्टेबल मंजीत यादव के साथ घर से गए थे और वापस नहीं लौटे। देर रात करीब दो बजे पिता से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे मंजीत के साथ हैं और पैसों के लेन-देन का हिसाब करने जा रहे हैं। अगले दिन सुबह आरोपी मंजीत स्वयं घर पहुंचा और जयप्रकाश के बारे में पूछने लगा। कुछ देर बाद उसने बताया कि पहाड़सर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से जयप्रकाश की मौत हो गई है।

पवन कुमार ने शुरू से ही इसे हत्या बताते हुए मंजीत यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आखिरकार पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।

आज शाम तक भेजे जाएंगे जेल

एएसपी राहुल यादव ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश करके शाम तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा।