धरना स्थल पर दिन की शुरुआत आम सभा से हुई, आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने टोल फ्री की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इसके बाद प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच करीब दो घंटे तक लंबी वार्ता चली।
सादुलपुर. लम्बोर बड़ी टोल प्लाजा पर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन प्रशासन के साथ 47वें दिन हुई वार्ता के बाद 15 किलोमीटर के दायरे के सभी गांव को माफ करने की घोषणा के साथ ही जहां आंदोलन स्थगित कर दिया गया। वहीं टोल प्लाजा पुनः शुरू कर दिया। धरना स्थल पर जहां एक ओर ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर दिनभर डटे रहे वहीं दूसरी ओर पूरे टोल प्लाजा क्षेत्र में भारी पुलिस बल और आरएसी के जवान तैनात रहे।
हुई आमसभा
धरना स्थल पर दिन की शुरुआत आम सभा से हुई, आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने टोल फ्री की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इसके बाद प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच करीब दो घंटे तक लंबी वार्ता चली। हनुमानगढ़ से माकपा नेता मंगेजाराम चौधरी ने कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा बिना अधिग्रहण किसानों की जमीन पर कब्जा किया गया, जो प्रशासन और शासन की मिलीभगत का परिणाम था।
उन्होंने इस मुद्दे को किसानों के अधिकारों का हनन बताते हुए संघर्ष को न्याय की लड़ाई बताया। समझौते के अनुसार आसपास के गांवों के निजी वाहनों को टोल से मुक्त रखा जाएगा, जबकि व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से नियमानुसार टोल वसूला जाएगा। तारानगर के किसान नेता निर्मल प्रजापत ने भी वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने के बाद टोल संचालन को पुनः शुरू करने की स्वीकृति दे दी गई है।
इन मांगों पर बनी सहमति
धरने स्थल पर हुई वार्ता में 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांव का टोल मुक्त करने तथा सड़क निर्माण के दौरान जिन किसानों की भूमि को उपयोग में लिया गया है उन किसानों को मुआवजा देने पर भी सहमति बनी है। किसान नेता कुरड़ारामदमीवाल ने समझौते को संघर्ष की जीत बताया। किसान सभा के जिला मंत्री उमराव सारण, एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़, डीवाईएफआई के जिला अध्यक्ष दीनदयाल गुलेरिया एवं सचिव अजीत सिंह, एसएफआई के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश ड्यूटी, किसान सभा के जिला कमेटी सदस्य सोनू जिलोवा सहित कई सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने गत एक महीने से अधिक समय से ग्रामीण और किसानों की ओर से दिए गए धरने को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का माध्यम बताया।
लम्बोर बड़ी टोल प्लाजा को लेकर 47 वे दिन दिन भर चले धरना ओर वार्ता के दौर में प्रशासन की ओर से भी मांगों पर सहमति जताई गई है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौके पर एसडीएम मनोज खेमादा, एएसपी रिछपाल चारण, आईपीएस अभिजीत पाटिल, प्रशिक्षु डीएसपी स्वाति, थाना अधिकारी राजेश कुमार सिहाग, हमीरवास थाना अधिकारी राय सिंह सुथार सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।