चैत्र प्रतिपदा से मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव के क्रम में एक बार फिर मौसमीय तंत्र में बदलाव रहा है। जिसे देखते हुए किसान रबी की तैयार फसलों की कटाई के कार्य को पूर्ण करने में जुटे हुए है।
चूरू. अंचल में शुष्क रहे मौसम में गर्मी के तेवर तीखे हो ही रहे थे कि चैत्र शुक्ल पक्ष सप्तमी को दोपहर बाद आसमान में छाए बादलों से तीखी धूप नरम पड़ गई। बुधवार को सुबह न्यूनतम तापमापी पारा 17.8 डिग्री पर अटका। हवाओं में नमी होने के कारण सुबह सुहावनी रही लेकिन सूर्योंदय के बाद धूप तेज रही। जिससे तपन बढ़ ही रही थी की दोपहर बाद बादलवाही होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम में फिर आ रहा है बदलाव
चैत्र प्रतिपदा से मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव के क्रम में एक बार फिर मौसमीय तंत्र में बदलाव रहा है। जिसे देखते हुए किसान रबी की तैयार फसलों की कटाई के कार्य को पूर्ण करने में जुटे हुए है। जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में सरसों और चने की कटाई का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है तो कहीं कहीं अभी शुरुआत हुई है। बरसात के आने के आसार को देखते हुए किसानों ने कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने का जतन कर रहे हैं।
विशेष कृषि सलाह
मौसम केंद्र की ओर से दी गई विशेष कृषि सलाह में किसानों से खुले में पड़ी कटी हुए फसलों को ढककर रखने की अपेक्षा की है। किसानों और कृषि मंडियों के संचालकों से कहा गया कि वे खुले में रखे हुए अनाज एवं जिंसों को ढककर रखे। सुरक्षित भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया सकें।
मौसम अपडेट
मौसम केंद्र के अनुसार राज्य में आगामी दो तीन दिन मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि 26-27 मार्च को सीमावर्ती क्षेत्रों तथा शेखावाटी क्षेत्र में कहीं कहीं मेघगर्जन, हल्की बारिश होने की संभावना है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 28, 30 मार्च को राज्य के कुछ भागों में सक्रिय होने तथा मेघगर्जन के साथ तेज आंधी बारिश होने की संभावना है। 28 मार्च को पश्चिमी राजस्थान जोधपुर बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तेज मेघगर्जन, आंधी तथा कही कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है।
काले घने बादल छाए
राजलदेसर. बुधवार को दिनभर तेज धूप के बाद शाम सात बजे आसमान पर काले घने बादल छा गए। साढ़े सात बजे से धूल भरे तेज अंधड़ के बाद मेघ गर्जना एवं आकाशीय बिजली की चमक के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। अंधड़ शुरू होते ही बिजली गुल हो गई जो समाचार लिखे जाने तक बहाल नहीं हुई। समाचार लिखे जाने तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।