चूरू

World Health Day Special : चूरू में हेल्थकेयर की नई तस्वीर: एलईडी-टैबलेट से मॉनिटरिंग, बच्चों और मरीजों के लिए खास योजनाएं

जिन बच्चों का शुगर स्तर नियंत्रित नहीं रहता, उन्हें योजना के तहत एक महीने के लिए शुगर जांच मशीन और एक रजिस्टर दिया जाता है। इस रजिस्टर में बच्चे या उनके अभिभावक को रोजाना शुगर लेवल दर्ज करना होता है। एक महीने बाद डॉक्टर उस रिकॉर्ड के आधार पर इलाज और सलाह देते हैं।

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Apr 07, 2026

चूरू. राजस्थान सरकार चिकित्सा क्षेत्र को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में चूरू जिले सहित आसपास के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में जल्द ही एलईडी स्क्रीन और टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी आसान होगी, बल्कि मरीजों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी सीधे स्क्रीन पर मिल सकेगी।

सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले में 550 एलईडी और 350 टैबलेट आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारी इन टैबलेट के माध्यम से स्वास्थ्य केन्द्रों पर चल रही गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। एलईडी स्क्रीन पर विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, जागरूकता संदेशों और उपचार से जुड़ी जानकारी लगातार प्रसारित की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग योजनाओं का लाभ उठा सकें। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सक एव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अहसान गैरी ने बताया कि यह पहल खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मददगार साबित होगी, जहां जानकारी के अभाव में कई बार लोग सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

मिशन मधुहारी: बच्चों के लिए राहत की पहल
जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। “मिशनमधुहारी” के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मधुमेह (डायबिटीज) की जांच की जाती है। जिन बच्चों का शुगर स्तर नियंत्रित नहीं रहता, उन्हें योजना के तहत एक महीने के लिए शुगर जांच मशीन और एक रजिस्टर दिया जाता है। इस रजिस्टर में बच्चे या उनके अभिभावक को रोजाना शुगर लेवल दर्ज करना होता है। एक महीने बाद डॉक्टर उस रिकॉर्ड के आधार पर इलाज और सलाह देते हैं।

पैलिएटिवकेयर: घर बैठे मिल रही राहत
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए “पैलिएटिवकेयर” योजना उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। उप मुख्य चिकित्सक एव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण झूरियां इस योजना का उद्देश्य ऐसे मरीजों और उनके परिजनों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इस योजना के तहत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की एक विशेष टीम बनाई गई है, जो मरीजों के घर जाकर इलाज करती है। स्वास्थय विभाग के अनुसार, अब तक जिले में 150 से 200 मरीज इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही नर्सिंग कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकें।

एचपीवी वैक्सीन : बेटियों के लिए सुरक्षा कवच
महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन अभियान भी जिले में चलाया जा रहा है। जिला प्रजनन एव शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को यह वैक्सीन लगाकर उन्हें भविष्य में इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जा सकता है। जिले में अब तक 60 बालिकाओं को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक टीकाकरण चूरू में तथा सबसे कम सरदारशहर में दर्ज किया गया।

क्षेत्र में वैक्सीनेशन आंकड़े:

चूरू : 31

राजगढ़ : 9

रतनगढ़ : 12

सरदारशहर : 1

सुजानगढ़ : 4

तारानगर : 3

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कुल: 60

Published on:
07 Apr 2026 11:08 am
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