विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों युवाओं में उत्साह नजर आ रहा है। युवा मतदाता पहली बार मतदान को लेकर उत्सुक है। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी पर जब पत्रिका ने टॉक शो में चर्चा की तो चुनाव को लेकर युवा जागरूक दिखे। युवाओं का कहना था राजनीति में युवाओं की भागीदारी तय होनी चाहिए तो राजनीतिक दलों को दूसरी पंक्ति तैयार करनी चाहिए।
चूरू. विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों युवाओं में उत्साह नजर आ रहा है। युवा मतदाता पहली बार मतदान को लेकर उत्सुक है। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी पर जब पत्रिका ने टॉक शो में चर्चा की तो चुनाव को लेकर युवा जागरूक दिखे। युवाओं का कहना था राजनीति में युवाओं की भागीदारी तय होनी चाहिए तो राजनीतिक दलों को दूसरी पंक्ति तैयार करनी चाहिए। युवा कहते हैं कि वे पहली बार मतदान कर अपना प्रतिनिधि चुनेंगे, लेकिन वे शिक्षा-स्वास्थ्य, बेरोजगारी सहित विकास के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अपना प्रतिनिधि कैसा होना चाहिए पर युवा कहते हैं कि साफ और स्वच्छ छवि वाला प्रतिनिधि होना चाहिए जो देश-प्रदेश व क्षेत्र के हित की बात करें। युवा मतदाता कहता है कि भले ही हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। लेकिन, हमें लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित राजनीति को बढावा देना चाहिए।
विधानसभा में शिक्षित नेता करें प्रतिनिधित्व
चर्चा में पहली बार मतदान करने को उत्सुक गांव सहनाली छोटी के लोहिया कॉलेज अध्ययनरत छात्र रमेश सिहाग का कहना था कि शिक्षित नेता विधानसभा में प्रतिनिधित्व करें। क्योंकि वर्तमान में राजनीति करनेवाले को पढऩा जरूरी है तभी वह अपना पक्ष मजबूती के साथ रखने में सक्षम होगा। छात्रा जैतून कुरेशी ने शहर की कई कच्ची बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछड़ी बस्तियों के बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। छात्र अरविंद कुमार का कहना था कि शहर व गांवों की सडक़ों के हालात खराब है, जबकि विकास के नाम सडक़ों के जाल बिछाने का दावा किया जाता है। लेकिन हालात यह है कि ग्रामीण अंचलों में सडक़ों की हालत खस्ता है। स्वच्छता अभियान कागजों में सिमटा हुआ है। जबकि धरातल पर सफाई व्यवस्था जरा भी नहीं दिखाई दे रही है।
बेटियों की सुरक्षा की लें गारंटी
टॉक शो में लोहिया कॉलेज की छात्रा निशी, गांव नरसीनगर की निकिता वर्मा व दक्षिता शर्मा कहती है कि महिला सुरक्षा कानून बना है, जिम्मेदार बेटियों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक मंचोंं से बड़े-बड़े दावे करते हैं। जबकि स्थिति इसके उलट है। प्रदेश में सबसे ज्यादा हुई महिला उत्पीडऩ की घटनाएं इनके दावों की पोल खोल रही है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाएं व गारंटी लें। उनके लिए यह बड़ा मुद्दा है। गांव जणाऊ मीठी की छात्रा सिलोचना ने कहा कि इलाके की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। मुफ्त दवा व जांच जैसी योजनाएं लागू कर वाही वाही तो लूटी जा सकती है। किन्तु सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार करना जरूरी है।
बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी मुद्दा
टॉक शो में गांव घंटेल के युवा रमेश प्रजापत ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी की ओर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि युवा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की है। इसलिए प्रतिनिधियों को चाहिए कि वे महंगाई पर अंकुश और रोजगार के साधनों के सृजन को प्राथमिकता दें। अपराधों की रोकथाम के प्रयास करें। वे इस मुद्दें पर मतदान करेंगे। बिसाऊ की लता व शहर के युवा नीरज चौधरी का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिए। इसके लिए नीति बनाई जानी चाहिए ताकि शिक्षित युवाओं को निराश नहीं होना पड़ें। अमित कस्वां ने कहा कि शिक्षा नीति बदली पर सिस्टम का रवैया नहीं। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुले पर शिक्षकों की व्यवस्था होनी चाहिए। टॉक शो में युवाओं का कहना था कि वे इन मुद्दों पर मतदान करेंगे।