
Aakash Chopra on Ravindra Jadeja snub: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेलेक्टर्स ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए दो अलग-अलग टीम घोषित की, जिसमें रवींद्र जडेजा को बाहर रखा है। भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने सेलेक्टर्स के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट के बताए गए प्लान और उसके सेलेक्शन के फैसलों के बीच बहुत बड़ा फर्क है। चोपड़ा ने कहा कि जडेजा का टीम में नहीं चुना जाना बड़ी बात है। आपने कहा था कि वह हमारी टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और 2027 वर्ल्ड कप प्लान में भी हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता, क्योंकि कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं।
भारत को न्यूजीलैंड के दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद इतने ही मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिसकी शुरुआत 4 नवंबर से ऑकलैंड में होगी। बाएं हाथ के स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल को रवींद्र जडेजा से ज्यादा तरजीह दी गई है, जबकि भारतीय थिंक टैंक ने पहले ही इशारा कर दिया था कि जडेजा 2027 वर्ल्ड कप के लिए उसके प्लान का हिस्सा बने रहेंगे। जडेजा को नजरअंदाज किए जाने पर आकाश चोपड़ा ने सेलेक्टर्स को जमकर सुनाया है।
चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा की गैरमौजूदगी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने टीम में इस अनुभवी खिलाड़ी के भविष्य के बारे में दिए गए भरोसे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जडेजा का टीम में नहीं होना बड़ी बात है। बहुत से लोगों ने इस बारे में बात नहीं की है। आप वैसे भी उन्हें बहुत कम खिला रहे हैं। आपने कहा था कि वह हमारी टीम का अहम हिस्सा हैं, वह आपके 2027 वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता, क्योंकि आप जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि आपने उसे अभी वेस्टइंडीज के खिलाफ खिलाया और आपने उसे तीसरा मैच भी नहीं खिलाया। यहां, आपने उसे न तो पहले तीन मैचों के लिए चुना है और न ही आखिरी दो मैचों के लिए। अक्षर पटेल इस रेस में इतना आगे निकल गया है कि ऐसा लगता है कि सेलेक्टर्स ने रवींद्र जडेजा के बारे में अपना मन बना लिया है। सेलेक्शन पैटर्न से ऐसा लग रहा है कि भारत धीरे-धीरे अनुभवी ऑलराउंडर से दूर जा रहा है।
चोपड़ा ने आगे कहा कि मानव सुथार का नाम वहां नहीं है। यह बात समझ में आ जानी चाहिए। उनका कुल तीन मैचों का करियर है, जिसमें वह पहले मैच में प्लेयर ऑफ द मैच थे। वह श्रीलंका में इंडियन बॉलर्स में सबसे अच्छे थे। मुझे पता है कि जडेजा या मानव सुथार में से कोई एक ही खेल सकता है और जडेजा उस रेस में आगे हैं, लेकिन आप मानव सुथार के तीन मैचों में 23 विकेट को इग्नोर नहीं कर सकते। क्या उनका नाम वॉशिंगटन सुंदर की जगह हो सकता था?