
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप के साथ कीमो पॉल। (फोटो सोर्स: IANS)
Shai Hope statement after series tied 2-2: भारत बनाम वेस्टइंडीज 5वां और आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला बारिश से धुलने के बाद पांच मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई है। इस सीरीज में वेस्टइंडीज का एप्रोच देखने लायक था। खासतौर पर शाई होप ने बल्लेबाजी में गजब का प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरी सीरीज में सबसे ज्यादा 261 रन बनाए और इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। जब उनसे पूछा गया कि वेस्टइंडीज सीरीज जीतने के कितने करीब थी, तो वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद हम सीरीज जीत के बहुत करीब थे।
इस पर शाई होप ने कहा कि हम सीरीज जीत के बहुत करीब थे। यह कुछ ऐसा है, जो हमने इतने सालों में नहीं किया है। मुझे लगता है कि यह लगभग 20 साल से ज्यादा हो गया है। लेकिन, सीरीज में इतनी दूर तक पहुंचने के लिए, हमें खुद को जीतने का अच्छा मौका देना होगा। यह साफ तौर पर दिखाता है कि हम एक यूनिट के तौर पर क्या कर रहे हैं। यह निश्चित रूप से प्रोग्रेस कर रहा है। सफलता का मतलब जरूरी नहीं कि सीरीज जीतना हो, लेकिन यह देखना कि खिलाड़ी एक टीम के तौर पर कैसे प्रोग्रेस कर रहे हैं, बहुत तारीफ के काबिल है।
जैसा कि मैंने कहा कि काफी कुछ, खासकर बॉलिंग फ्रंट से। हम प्रेशर सिचुएशन में खिलाड़ियों के अपनी स्किल्स दिखाने के बारे में बात करते हैं। शमर और स्प्रिंगर हमारे लिए बैक एंड में जरूरी रोल निभा रहे हैं और कुछ अच्छे विकेट ले रहे हैं, डेथ ओवर्स में बॉलिंग कर रहे हैं। कीमो पॉल ने भी इसी तरह का प्रदर्शन किया और फिर आपके पास रोस्टन जैसे खिलाड़ी हैं, जो इतने सालों से बॉल से हमारे लिए लगातार अच्छा कर रहे हैं।
अगर तिलक उस ओवर में स्ट्राइक पर होते, तो मोटी दूसरा ओवर फेंकता, तो मैं शायद रोस्टन को दे देता। लेकिन, कभी-कभी ऐसा ही होता है। मुझे लगता है कि जिस तरह से हम आम तौर पर क्रिकेट खेलते हैं, हर कोई कुछ स्टेज पर मदद कर रहा है। शेरफेन वही कर रहे हैं, जो वह टी20 फॉर्मेट में करते हैं। बॉलिंग साइड से खिलाड़ियों को अच्छा करते देखना बहुत अच्छा लगा।
इस पर उन्होंने कहा कि आपको अभी भी वह सेल्फ-बिलीव रखना होगा। सच कहूं तो जब भी मैं लाइन पार करता हूं, भले ही मैंने पिछली दो, तीन, चार, पांच पारियों में कोई रन न बनाया हो, मुझे अब भी विश्वास है कि मैं काम पूरा कर सकता हूं। मुझे लगता है कि यही चीज मुझे आगे बढ़ाती है और मुझे जमीन से जोड़े रखती है, यह जानते हुए कि भले ही मैं 100 रन बना लूं या अगले मैच में बड़ा स्कोर बना लूं, फिर भी मुझे शुरू से शुरू करना होगा। मेरा प्रोसेस कभी नहीं बदलता। मैं जितना हो सके न्यूट्रल रहने की कोशिश करता हूं और जैसा मैंने कहा कि काम पूरा करने की अपनी काबिलियत पर भरोसा करता हूं।
Updated on:
18 Oct 2026 08:31 am
Published on:
18 Oct 2026 08:31 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
