6 सितम्बर 1995 को देहरादून में जन्मे अभिमन्यु के पिता रंगनाथन 2005 में देहरादून में ही एक जगह खरीदी। इस जगह पर उन्होंने अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम बनवाया। अभिमन्यु ने इसी एकेडमी से क्रिकेट का प्रशिक्षण भी हासिल किया है।
रणजी ट्रॉफी 2022-23 का सीजन जारी है। मंगलवार को पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड के बीच मुक़ाबला देहरादून के अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाने वाला है। यहां पहली बार एक भारतीय खिलाड़ी अपने ही नाम पर बने स्टेडियम में फर्स्ट क्लास मैच खेलने उतरेगा। युवा भारतीय बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन अपने नाम पर बने इस स्टेडियम में खेलते दिखाई देंगे। यह स्टेडियम उनके पिता रंगनाथन परमेश्वरन ईश्वरन ने 2005 में बनवाया था।
6 सितम्बर 1995 को देहरादून में जन्मे अभिमन्यु के पिता रंगनाथन 2005 में देहरादून में ही एक जगह खरीदी। इस जगह पर उन्होंने अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम बनवाया। अभिमन्यु ने इसी एकेडमी से क्रिकेट का प्रशिक्षण भी हासिल किया है। उनसे पहले डैरेन सैमी ही एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कोई प्रोफेशनल मैच अपने नाम से बने स्टेडियम में खेला है। वैसे तो खिलाड़ियों के नाम पर दुनिया में कई स्टेडियम हैं।
2005 में आरपी ईश्वरन ने देहारदून में एक जगह खरीदी थी और स्टेडियम बनाने का फैसला किया था। उनकी एक क्रिकेट एकेडमी थी, जिसे बाद में उन्होंने अभिमन्यू क्रिकेट एकेडमी नाम दिया था। 1995 में जन्मे उनके बेटे का नाम भी अभिमन्यू था, लेकिन स्टेडियम का नाम महाभारत के पात्र अभिमन्यू से प्रेरित था। इसे अभिमन्यू क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम नाम मिला।
इसको लेकर अभिमन्यू ने कहा, 'मेरे लिए एक ऐसे मैदान पर रणजी मैच खेलना गर्व का क्षण है, जहां मैंने एक युवा लड़के के रूप में अपना सारा क्रिकेट सीखा है। यह उनके प्यार और कड़ी मेहनत का नतीजा है और घर आकर हमेशा अच्छा अहसास होता है, लेकिन एक बार जब आप मैदान पर होते हैं, तो ध्यान बंगाल के लिए खेल जीतने पर होता है।'
अभिमन्यु 79 प्रथम श्रेणी मैचों में 19 शतक और 23 अर्धशतक लगा चुके हैं। उन्होंने 46.33 के औसत से 5746 रन भी बनाए हैं। अभिमन्यु को हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला।