
भारत (India) बनाम न्यूज़ीलैंड (New Zealand) टी20 सीरीज़ के तीसरे मैच में भारतीय टीम को 6 विकेट से जीत मिली। न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाते हुए भारत को 199 रन का लक्ष्य दिया, जिसे भारत ने 13.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। भारत की जीत में अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने ओपनिंग करते हुए सिर्फ 38 गेंदों में 113 रन की पारी खेली। अपनी पारी में अभिषेक ने 9 चौके और 11 छक्के लगाए और 297.37 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्हें इसके लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। अपनी मैच विनिंग पारी की बाद अभिषेक ने टीम के कोचिंग स्टाफ के बारे में एक बड़ा बयान दिया।
अभिषेक ने मैच के बाद अपनी तैयारी का क्रेडिट कोचिंग स्टाफ को दिया। अभिषेक ने बताया कि उन्हें साइडआर्म प्रैक्टिस से काफी फायदा मिला। अभिषेक ने कहा, "एक बल्लेबाज के तौर पर परिस्थितियों, मैदान के आकार और गेंदबाजों को समझना बहुत अहम है। कल हमारा एक अच्छा प्रैक्टिस सेशन रहा था और मैं उसका पूरा फायदा उठाना चाहता था। मुझे लगता है कि मैंने मन में ऐसी स्थिति की कल्पना की थी और बिल्कुल वैसा ही हुआ। यह सब पर्दे के पीछे की गई तैयारी का नतीजा है। हमारे कोचों के साथ प्रैक्टिस करते हुए हमने इन शॉट्स की काफी प्रैक्टिस की है।"
मैच के बाद अभिषेक के मेंटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने मज़ेदार अंदाज़ में उन्हें एक चैलेंज दे दिया। युवराज ने अभिषेक को 12 गेंदों में 50 रन बनाने का चैलेंज दिया, जो युवराज ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। अपनी इसी पारी में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) के एक ही ओवर में 6 गेंदों पर लगातार 6 छक्के लगाए थे। युवराज ने इस मैच में 16 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली थी। युवराज के इस चैलेंज पर अभिषेक ने बयान देते हुए कहा, "यह बिल्कुल भी आसान नहीं है। ऐसा कभी-कभार ही होता है। एक बल्लेबाज के तौर पर हम किसी खास माइलस्टोन के पीछे नहीं भागते; हमारा मकसद हमेशा अपनी टीम के लिए मैच जीतना होता है।"