Highlight - ये वाकया साल 2005 का है, जब पाकिस्तानी टीम भारत दौरे पर थी - सीरीज के चौथे मैच में नेहरा ने दी थी धोनी को गाली
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ( Ashish Nehra ) टीम के ही पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) के नेतृत्व में 2011 का वर्ल्ड कप ( 2011 World Cup ) खेल चुके हैं। इतना ही नहीं अपने करियर के आखिरी दिनों में आशीष नेहरा और एमएस धोनी के बीच मैदान पर गहरी दोस्ती और अच्छा तालमेल देखने को मिलता था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये वही नेहरा हैं, जिन्होंने धोनी को उनके शुरूआती करियर में एक मैच के दौरान गाली दे दी थी।
नेहरा ने बताया, क्यों धोनी पर आया था गुस्सा?
- 15 साल के बाद आशीष नेहरा ने उस मैच को लेकर खुलासे किए हैं। नेहरा ने कहा है, "मुझे अच्छी तरह से याद है पाकिस्तान के खिलाफ 6 मैचों की सीरीज का चौथा वनडे अहमदाबाद में खेला जा रहा था, जिसमें मैंने धोनी को गाली दी थी। धोनी पर मैं गुस्सा इसलिए हुआ था, क्योंकि धोनी और राहुल द्रविड़ के बीच से फर्स्ट स्लिप में से शाहिद अफरीदी का कैच छूट गया था। ये किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता, मैंने धोनी के साथ गलत व्यवहार किया था।"
- एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत के दौरान आशीष नेहरा ने बताया, " जिस गेंद पर अफरीदी का कैच छोड़ा गया था, उससे एक गेंद पहले अफरीदी ने सिक्स जड़ा था। जाहिर है कि उस कैच के जरिए मेरे पास अफरीदी का विकेट लेने का मौका था, जिसके बाद ओवर में मेरी वापसी हो सकती थी।" नेहरा आगे कहते हैं, "भारत-पाकिस्तान मैच में वैसे ही दबाव होता है और अचानक एक मौका बना तो वो छोड़ दिया। मैं खुद पर नियंत्रण नहीं रख सका और ऐसी स्थिति में खिलाड़ी अपनी आपा खो देता है। हालांकि, मैच के बाद किसी ने कुछ नहीं कहा, क्योंकि मैच में अक्सर ऐसा हो जाता है।"
पाकिस्तान को मैच में मिली थी जीत
आपको बता दें कि ये बात साल 2005 की है, जब पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी, जहां 6 वनडे मैचों की सीरीज का चौथा मैच अहमदाबाद में खेला जा रहा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को 316 रनों का लक्ष्य दिया था, जिेसे पाकिस्तान ने हासिल कर लिया था। इसी मैच में आशीष नेहरा के ओवर में अफरीदी का कैच धोनी से छूट गया था, जिसके बाद नेहरा ने धोनी गाली दे दी। आपको बता दें कि ये वही सीरीज थी, जिसमें धोनी ने 148 रनों की पारी खेली थी।
आशीष नेहरा साल 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं।