आस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैकग्राथ ने राजकोट में सौराष्ट्र के युवा क्रिकेटरों को गेंदबाजी के अहम टिप्स दिए। राजकोट में लगाए गए दो दिवसीय कैंप में मैकग्रा ने युवा खिलाडि़यों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए।
आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ ने राजकोट में सौराष्ट्र के युवा क्रिकेटरों को गेंदबाजी के गुर सिखाए। 1999, 2003 और 2007 के लगातार तीन विश्व कप टूर्नामेंट विजेता टीम के अहम हिस्सा रह चुके 55 वर्षीय पूर्व क्रिकटेर ने दो दिनों तक यह ट्रेनिंग दी। साथ ही उभरते खिलाडि़यों को तेज गेंदबाजी की टिप्स दी और अपने अनुभव साझा किए। टेस्ट मैचों में 563 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर काबिज मैकग्राथ ने इन युवाओं को गेंदबाजी के बारे में गुर सिखाए और एक तेज गेंदबाज के रूप में उन्हें क्या करना चाहिए इस बारे में समझाया। साथ ही उन्होंने खिलाड़ी के रूप में अपने अनुभव भी बताए। उन्होंने यह भी बताया कि यहां से अच्छे खिलाड़ी उभर सकते हैं।
पिजन के नाम से मशहूर मैकग्राथ ने सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में विश्व स्तरीय इनफ्रास्ट्र्क्चर बताया। उन्होंने कहा कि यहां के प्रैक्टिस ग्राउंड, इंडोर एकेडमी, जिम, चेंज रूम सहित बेहतरीन है।
सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (SCA) के अध्यक्ष व सौराष्ट्र रणजी टीम के पूर्व कप्तान जयदेव शाह ने बताया कि मैकग्राथ एमआरएफ पेस फाउंडेशन के साथ जुड़े हैं। वे निरंजन शाह स्टेडियम में तेज गेंदबाजों के लिए कैम्प करने और तेज गेंदबाजी के गुर सीखाने यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि स्थानीय क्रिकेटरों को इतने बेहतरीन पूर्व गेंदबाज की सलाह मिलना काफी अहम है।
शाह के मुताबिक वे यहां हर वर्ष इस तरह शिविर आयोजित करना चाहते हैं जिसमें बड़े क्रिकेटरों का बुलाया जाएगा। तेज गेंदबाज के बाद अब स्पिन गेंदबाजी व बल्लेबाजी विशेषज्ञों को भी यहां आमंत्रित किया जाएगा जिससे युवा क्रिकेटरों को बेहतर समझ मिल सकेगी। इससे सौराष्ट्र टीम मजबूत बन सकेगी।
स्थानीय तेज गेंदबाज नील पंड्या ने बताया कि मैकग्राथ का राजकोट आकर हम जैसे गेंदबाजों को टिप्स देना काफी अहम है। उन्होंने शरीर को फिट रखने की सलाह दी। न्यू साउथ वेल्स में जन्मे मैकग्राथ अपने समय के महान तेज गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने 2007 में क्रिकेट को अलविदा कहा।