बीसीसीआई ने पूरे साल क्रिकेट के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के फ्यूचर टूर प्लान यानि एफटीपी से जुडऩे का निर्णय ले लिया है।
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेटरों ने इंग्लैंड में आयोजित आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक पहुंचकर पूरे देश में अपने लिए धूम मचा दी, लेकिन इसके बाद से वे क्या कर रही हैं? चार महीने बाद भी महिला टीम इंडिया के पास कार्यक्रमों में फीता काटने, रियलटी शो में जाकर जज बनने औैर शाम को वापस लौटकर नेट प्रैक्टिस में ही अपना क्रिकेट जोश ठंडा करने के अलावा कोई काम नहीं है। कारण है भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तरफ से उनके लिए कोई भी टूर्नामेंट या दूसरे देश से सीरीज की व्यवस्था नहीं कर पाना। लेकिन अब महिलाओं की ये समस्या बहुत जल्द दूर होने वाली है। बीसीसीआई ने उनके लिए भी पुरुष क्रिकेटरों की तरह पूरे साल क्रिकेट के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के फ्यूचर टूर प्लान यानि एफटीपी से जुडऩे का निर्णय ले लिया है।
एसजेएफआई कन्वेंशन में हुआ खुलासा
बीसीसीआई की तरफ से महिला क्रिकेटरों के लिए की जा रही कोशिश का खुलासा उसके जनरल मैनेजर रत्नाकर शेट्टी ने तिरुवनंतपुरम में स्पोटर्स जर्नलिस्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) के 40वें नेशनल कन्वेंशन समारोह में किया। शेट्टी ने कहा, हम इंटरनेशनल लेवल पर एफटीपी से जुडऩे की योजना बना रहे हैं। इससे ठीक पुरुषों की तरह महिलाओं को भी पूरा साल वनडे और टी20 क्रिकेट खेलने को मिलती रहेगी। हम मैचों की संख्या की तरफ नहीं जाना चाहते, लेकिन इस फैक्ट पर ध्यान दीजिए कि अगले दो साल में हम बेहतर टीमों से खेलेंगे और हमारी लड़कियों को उन्हीं के स्तर पर फाइट करने का मौका मिलेगा। शेट्टी ने आगे कहा, बीसीसीआई के झंडे तले महिला क्रिकेट वर्ष 2006 में आई थी और 11 साल में ही बीसीसीआई से लेकर स्टेट लेवल तक लड़कियों के लिए सुविधाओं में सुधार देखा जा सकता है।
आईसीसी भी कर रहा है प्रयास
शेट्टी ने आगे कहा, ये हमेशा एक आम सवाल रहा है कि महिलाओं के लिए पर्याप्त मैच नहीं खेले जा रहे। इसमें समझने के लिए कुछ बात है और मैंने आईसीसी फोरम भी इस संबंध में ज्वॉइन किया था। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश टेस्ट मैच खेलने को उत्सुक नहीं हैं। हर देश और आईसीसी भी पहले महिला क्रिकेट के लिए एक आधार तैयार करने में दिलचस्पी ले रहा है, जिससे हर खेलने वाले देश में इस खेल को ज्यादा प्रमोट किया जा सके। आपको बता दें कि शेट्टी बीसीसीआई में महिला खेल इंचार्ज की अतिरिक्त भूमिका भी निभा रहे हैं और उनका कहना है कि भारत में खेल ढांचे को भी बदला जा रहा है।