BCCI Guidelines for Victory Parade: बीसीसीआई ने आरसीबी के जश्न के दौरान बेंगलुरु में मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत से सबक लेते हुए भविष्य में सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
BCCI Issues Safety Guidelines for Victory Parade: आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न के दौरान बेंगलुरु में मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। बगैर किसी सुरक्षा इंतजाम जश्न लाखों की भीड़ जुटाने पर आरसीबी के साथ बीसीसीआई पर की भी जमकर आलोचना हुई थी। इसके बाद पुलिस ने भी कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आगामी आयोजनों में इस तरह की किरकिरी से बचने के लिए अब बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि आईपीएल जीत के बाद सार्वजनिक जश्न मनाने से लोगों की जान नहीं जानी चाहिए। हालांकि बीसीसीआई ने शुरू में खुद को आरसीबी और कर्नाटक सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम से दूर रखा था, लेकिन अब बोर्ड ने आगे आते हुए इस तरह के जश्न को विनियमित करने के लिए कदम उठाया है। भविष्य में होने वाले सम्मान समारोह अच्छी तरह से योजनाबद्ध और सुरक्षित हों, इसके लिए बीसीसीआई ने सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। ये दिशा-निर्देश अब से सभी आईपीएल टीमों के लिए अनिवार्य होंगे।
- किसी भी टीम को खिताब जीतने के 3-4 दिनों के भीतर जश्न मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- जल्दबाज़ी और खराब तरीके से प्रबंधित कार्यक्रमों से बचने के लिए त्वरित बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- टीमों को किसी भी उत्सव के आयोजन से पहले बीसीसीआई से औपचारिक अनुमति लेनी होगी।
- बोर्ड से पूर्व लिखित मंजूरी के बिना कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता है।
- कार्यक्रम के लिए 4 से 5 स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य होगा।
- सभी स्थानों पर और पारगमन के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा उपस्थिति आवश्यक होगी।
- सुरक्षा व्यवस्था में हवाई अड्डे से कार्यक्रम स्थल तक टीम की आवाजाही शामिल होनी चाहिए।
- पूरे कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और कर्मचारियों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- जिला पुलिस, राज्य सरकार और स्थानीय अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
- सभी समारोहों को नागरिक और कानून प्रवर्तन निकायों से भी हरी झंडी मिलनी चाहिए।
बता दें कि आरसीबी के विजयी जुलूस की योजना 4 जून के लिए जल्दबाजी में बनाई गई थी, जो उनकी पहली खिताबी जीत के ठीक एक दिन बाद थी। पुलिस की चेतावनी के बावजूद इस कार्यक्रम में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 2 लाख से ज़्यादा प्रशंसक इकट्ठा हुए, जिससे भगदड़ मच गई। बाद में फ्रैंचाइजी के मार्केटिंग हेड को गिरफ़्तार कर लिया गया और इसके बाद केएससीए के अधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया। हालांकि, निखिल सोसले को बाद में जमानत मिल गई।