
Virat Kohli and Rohit Sharma future: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) बुधवार 3 दिसंबर को रायपुर में पुरुष टीम मैनेजमेंट के साथ एक जरूरी बैठक करने जा रहा है। इस मिटिंग का मकसद सभी फॉर्मेट में रोडमैप को फिर से बनाना और कम्युनिकेशन और सेलेक्शन में उभरती कमियों को दूर करना है। यह मीटिंग मैच के दिन भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे वनडे से पहले होगी। इस दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर भी फैसला हो सकता है। क्योंकि जब से दोनों टी20 और टेस्ट क्रिकेट से दूर हुए, तब से इनके बातचीत कम होने की अफवाहें तेज होती जा रही हैं।
स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट की मानें तो इस बैठक में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया, जॉइंट सेक्रेटरी प्रभतेज सिंह भाटिया, हेड कोच गौतम गंभीर और नेशनल सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर के शामिल होने की संभावना है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास मौजूद रहेंगे या नहीं। वनडे मैच के दिन मीटिंग होने की वजह से सीनियर खिलाड़ियों को बुलाने की संभावना कम है।
बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मीटिंग का मकसद सेलेक्शन में एक जैसा तालमेल बनाए रखना, व्यक्तिगत विकास के तरीकों को बेहतर बनाना और टीम की ओवरऑल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट के बीच अलाइनमेंट पक्का करना है। अधिकारी ने कहा कि होम टेस्ट सीजन के दौरान मैदान और मैदान के बाहर कन्फ्यूजिंग टैक्टिक्स के मामले सामने आए हैं। हम क्लैरिटी और आगे की प्लानिंग चाहते हैं, खासकर जब अगली टेस्ट सीरीज में आठ महीने बाकी हैं।
ये बातचीत सिर्फ रेड-बॉल क्रिकेट के मुद्दों तक ही सीमित नहीं है। अधिकारी ने माना कि मौजूदा मैनेजमेंट सीनियर लिमिटेड ओवर्स खिलाड़ियों के साथ कैसे बातचीत कर रहा है, इस पर बेचैनी बढ़ रही है। अधिकारी ने कहा कि भारत अगले साल टी20 वर्ल्ड कप बचाने के लिए फेवरेट होगा और उसके बाद वनडे वर्ल्ड कप का मजबूत दावेदार होगा, इसलिए हम चाहते हैं कि ये मुद्दे जल्दी सुलझें।
रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन कहा गया है कि यह स्थिति मौजूदा सेटअप में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के बीच गलतफहमी को लेकर बेचैनी दिखाती है। जब से दोनों ने पिछले साल टी20 इंटरनेशनल से रिटायरमेंट की घोषणा की और 2025 की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट से दूर हो गए, हर गुजरते महीने के साथ नई सरकार के साथ बातचीत कम होने की अफवाहें तेज होती जा रही हैं।
रायपुर मीटिंग को कुल मिलाकर एक स्ट्रक्चरल अलाइनमेंट एक्सरसाइज के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन, कन्फ्यूजिंग टेस्ट रणनीति, आगामी आईसीसी इवेंट्स और भारत के दो ऑल-टाइम ग्रेट खिलाड़ियों के साथ समीकरणों में साफ तौर पर ठंडक का मेल यह पक्का करता है कि इसे ड्रेसिंग रूम और सेलेक्शन टेबल से कहीं आगे तक फॉलो किया जाएगा।