सैयद किरमा ने RCB की विक्ट्री परेड के दौरान हुए हादसे को 'डेडली वेलकम' (चैम्पियनों के लिए एक जानलेवा स्वागत) बताया और कहा कि आज के दौर में फैन कल्चर बेहद खतरनाक हो गया है।
यह तो सिर्फ आइपीएल ट्रॉफी है, हमने तो देश के लिए पहली बार विश्व कप जीता था, तब ना टीवी था, ना सोशल मीडिया और ना इतना पागलपन, जो ऐसी दुर्भाग्यपूण घटनाओं को जन्म दे सके…यह कहना है 1983 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के विकेटकीपर सैयद किरमानी का। उन्होंने मंगलवार को बेंगलूरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु (आरसीबी) की विक्ट्री परेड के दौरान हुई घटना के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया है। किरमानी ने कहा कि आरसीबी ने ट्रॉफी के लिए 17 साल तक इंतजार किया तो जश्न मनाने के लिए कुछ दिन और सब्र कर लेते। यह जश्न जल्दबाजी में हुआ और इसी वजह से हादसा हुआ। गौरतलब है कि भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई और 33 से ज्यादा लोग घायल हुए।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने आरसीबी प्रबंधन से विक्ट्री परेड रविवार को निकालने का आग्रह किया था। प्रशासन का मानना था कि अभी प्रशंसक आरसीबी की जीत को लेकर काफी उतावले हैं, जिससे संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, कार्यक्रम यदि रविवार को होगा तो प्रशासन को भी तैयारी करने का समय मिल जाएगा। लेेकिन आरसीबी प्रबंधन ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि तब तक विदेशी खिलाड़ी यहां नहीं रुक सकते। यदि वे चले गए को कार्यक्रम का रंग फीका पड़ जाएगा।
बीसीसीआइ सचिव देवाजीत सेकिया ने कहा कि यह घटना हमारे लिए आखें खोलने वाली और एक बड़ा सबक है। उन्होंने कहा, हमें सोचना पड़ेगा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में हमें क्या करना चाहिए। आइपीएल में हर साल कोई टीम खिताब जीतेगी और उसके घरेलू शहर में जश्न मनेगा। हम सभी फ्रेंचाइजी से भी इस बारे में बात करेंगे। अभी बीसीसीआइ का किसी फ्रेंचाइजी के निजी समारोह पर कोई नियंत्रण नहीं है।
आरसीबी के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं पूरी तरह से टूट गया हूं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा, बेंगलूरु में जो भी हुआ, वो काफी दुखदाई है। मेरी संवेदना हर पीडि़त परिवार के साथ हैं। ईश्वर उन्हें ये दुख सहने की शक्ति दी।