Bhuvneshwar Kumar first ipl six in 10 years: भुवनेश्वर कुमार ने ऐन मौके पर छक्का जड़कर आरसीबी को जीत दिलाते हुए एमआई को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में लगाए गए इस छक्के ने अंबाती रायडू और दीपदास गुप्ता को भी अपना मुरीद बना लिया है।
Bhuvneshwar Kumars first ipl six in 10 years: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मैच में आखिरी गेंद पर मुंबई इंडियंस को हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस मैच के हीरो भुवनेश्वर कुमार रहे। भुवी ने न केवल गेंद से कमाल का प्रदर्शन करते हुए चार अहम विकेट चटकाए, बल्कि लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच के आखिरी तनावपूर्ण पलों में एक जबरदस्त छक्का लगाकर सबको चौंका दिया। इस उम्दा प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। उनके इस प्रदर्शन ने अंबाती रायडू और दीपदास गुप्ता को भी अपना मुरीद बना लिया। उन्होंने भुवी की तारीफ करते हुए कहा कि भुवी अब 10 साल पहले जैसे थे, वैसे नजर आ रहे हैं।
आरसीबी को आखिरी तीन गेंदों पर 9 रन की दरकार थी और वह 8 विकेट गंवा चुकी थी। इसी बीच भुवनेश्वर ने राज अंगद बावा की गेंद पर पॉइंट के ऊपर से छक्का जड़ दिया, जिससे मैच पूरी तरह से बेंगलुरु के पक्ष में चला गया। यह एक बहुत ही खास पल था, क्योंकि भुवी ने इससे पहले IPL में आखिरी छक्का 2016 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के खिलाफ लगाया था।
प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलने के बाद भुवनेश्वर ने माना कि उनके लिए विकेट लेने से ज्यादा मायने वह छक्का रखता है। उन्होंने कहा कि वह छक्का, यकीनन! क्योंकि मैंने गेंदबाजी तो कई बार की है। मैंने पहले भी कुछ विकेट लिए हैं। लेकिन हां, छक्का लगाना ही वह चीज है, जिसका मैंने सबसे ज्यादा मजा लिया। भुवनेश्वर ने इस बारे में भी ईमानदारी से बात की कि 36 साल की उम्र में भी वह इतने ऊंचे स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कैसे कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि जो चीज मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत देती है, वह अनुशासन है।
ईएसपीएलक्रिकइंफो पर अंबाती रायडू और दीपदास गुप्ता ने भुवी की जमकर तारीफ की। गुप्ता ने कहा कि उनमें कौशल की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने वह लय फिर से हासिल कर ली है, जो दस साल पहले थी। एमआई के खिलाफ गेंद को छोड़ने का उनका तरीका सचमुच बहुत अच्छा था।
गेंद पर बैकस्पिन को उन्होंने उसे फिर से पा लिया है। वह बल्लेबाजों को जल्दबाजी करने पर मजबूर कर रहे हैं। बल्लेबाज उनकी गेंदों पर शॉट खेलने में थोड़ा पीछे रह जाते हैं। यह इस बात का साफ संकेत है कि उन्होंने गेंद को छोड़ने का अपना पुराना अंदाज फिर से हासिल कर लिया है और फिर, बल्ले से उनका शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। रायडू और दासगुप्ता ने उस शॉट का श्रेय भुवनेश्वर की क्रिकेटिंग समझ को दिया।
रायडू ने कहा कि असल में भुवी वह शॉट कवर्स के ऊपर से खेलते हैं। मैंने उन्हें कवर्स के ऊपर से कुछ छक्के मारते देखा है। वह उनका मजबूत पक्ष है और बावा ने ठीक वहीं गेंदबाजी की जहां भुवी चाहते थे। फिर भी भुवी के लिए जिस तरह से उन्होंने उसे खेला, वह बहुत बढ़िया था। पहली ही गेंद पर। यह क्रिकेटिंग समझ अगली गेंद पर भी काम आई।
बावा ने धीमी गेंद डाली, जिसे भुवनेश्वर ने लॉन्ग-ऑफ की तरफ भेज दिया। दूसरा रन लेने का मौका बन सकता था और नॉन-स्ट्राइकर सलाम वह रन लेना चाहते थे, लेकिन भुवनेश्वर ने मना कर दिया। आखिरी गेंद सलाम ने खेली, लेकिन अगर दूसरा रन लेने की कोशिश में भुवनेश्वर रन आउट हो जाते तो आखिरी गेंद पर स्ट्राइक पर जोश हेज़लवुड होते।
वहीं, गुप्ता ने कहा कि भुवी के बारे में हम जिन चीजों पर अक्सर बात करते हैं, उनमें से एक है उनका कौशल और बाकी सब, लेकिन जाहिर है कि वह इतने सालों तक टिके रहे और इतना अच्छा प्रदर्शन किया, तो यह सिर्फ उनके कौशल की वजह से नहीं है, बल्कि उनकी क्रिकेटिंग समझ और क्रिकेटिंग आईक्यू की वजह से भी है।