चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने टी20 वर्ल्ड 2026 का खिताब जीतने के बाद अपने अनुबंध को आगे बढ़ाने की मांग नहीं की थी। उनके भविष्य का फैसला तभी होगा, जब उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद ऐसी खबरें आई थीं कि उन्होंने 2027 वनडे विश्व कप तक अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, अगरकर ने ऐसी मांग नहीं की है। उनके भविष्य का फैसला तभी होगा, जब इस साल के अंत में उनका अनुबंध समाप्त हो जाएगा। ज्ञात हो कि अगरकर ने 2023 में सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला था और T20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद उनके अनुबंध को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था।
T20 वर्ल्ड कप 2026 में जीत के बाद ऐसी चर्चाएं थीं कि अगरकर ने खुद बीसीसीआई से संपर्क किया था और अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप तक अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है और इस मामले पर चर्चा तभी शुरू होगी जब सितंबर 2026 में अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि अगरकर के लिए खुद से कार्यकाल बढ़ाने की मांग करने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि संविधान के अनुसार, एक वरिष्ठ चयनकर्ता चार साल तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। चयन समिति बीसीसीआई की एक उप-समिति है और चयनकर्ताओं का अनुबंध इस साल सितंबर तक ही वैध है। उन्होंने आगे कहा कि अजीत अगरकर का अनुबंध सितंबर में समाप्त हो रहा है और उसके बाद बोर्ड सचिव और अजीत को यह फैसला करना होगा कि क्या वह अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप तक अपने पद पर बने रहेंगे।
बता दें कि अजीत अगरकर को कुछ कड़े फैसले लेने और विराट कोहली, रोहित शर्मा तथा रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद टेस्ट क्रिकेट में एक सुचारू बदलाव सुनिश्चित करने का श्रेय दिया जाता है। अगरकर की अगुवाई में भारत ने तीन आईसीसी व्हाइट-बॉल ट्रॉफियां जीतीं, लेकिन टेस्ट मैचों में नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने ही घर में दो सीरीज गंवानी पड़ीं।
इस महीने की शुरुआत में भारत के 20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने अगरकर को इसका श्रेय देते हुए कहा था कि उनकी कड़ी मेहनत की वजह से ही टीम को जीत मिली। मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने पत्रकारों से कहा कि अजीत अगरकर को अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन उन्होंने जिस ईमानदारी से काम किया है, वह सचमुच कमाल है।