क्रिकेट

7 राज्य क्रिकेट संघों के खिलाफ COA ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

COA ने सर्वोच्च न्यायालय से 7 राज्य क्रिकेट संघों के वोटिंग अधिकार रद्द करने की सिफारिश की है।

less than 1 minute read
Oct 31, 2018
COA ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी ये बड़ी मांग, रद्द होंगे 7 राज्य क्रिकेट संघों के वोटिंग अधिकार

नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट की देख-रेख कर रही प्रशासकों की समिति (सीओए) ने सात ऐसे राज्यों की पहचान की है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए संविधान को मानने से इनकार कर दिया है। वेबसाइट 'ईएसपीएन' की रिपोर्ट के अनुसार, सीओए ने सर्वोच्च न्यायालय से ऐसे सभी राज्य क्रिकेट संघों के वोटिंग अधिकार रद्द करने की सिफारिश की है।


इन 7 राज्यों ने लोढ़ा समिति को नहीं माना-
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने नौ अगस्त को अपने आदेश में कहा था कि सभी राज्य क्रिकेट संघों को लोढा समिति की सिफारिश के आधार पर तैयार बीसीसीआई के संशोधित संविधान का पालन करना होगा। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश ने इस नए संशोधित संविधान के पालन से इनकार कर दिया है।


कोई भी राज्य पूर्णतः नहीं कर रहा इसका पालन-
इसके अलावा अन्य राज्य क्रिकेट संघों को दो वर्गो में विभाजित किया गया है। इनमें एक वर्ग- 'पार्शियली कॉमप्लिएंट' उन राज्यों का है, जिन्होंने आंशिक रूप से इस संशोधित संविधान का पालन किया है। दूसरे वर्ग-'सब्सटेन्शियली कॉमप्लिएंट' में वे राज्य शामिल हैं, जो काफी हद तक इसका पालन कर रहे हैं। हालांकि, इनमें से कोई राज्य ऐसा नहीं है, जो पूर्ण रूप से बीसीसीआई द्वारा लोढा समिति की सिफारिशों से तैयार नए संशोधित सविधान का पालन करता हो।


COA ने सात राज्यों को दी चेतावनी-
इसके तहत सीओए ने सात राज्यों को चेतावनी देते हुए नए संविधान के पालन का आदेश दिया है और ऐसा नहीं करने पर उनके वोटिंग अधिकारों को निलंबित करने की बात कही है। सीओए का कहना है कि तय समय के तक अगर इन राज्यों का रवैया ऐसा ही रहा, तो बीसीसीआई के चुनावों में उनके वोटिंग अधिकारों को निलंबित कर दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें

रणजी ट्रॉफी: नई शुरुआत के इरादे से उतरेगी टीम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर से होगा पहला मैच
Published on:
31 Oct 2018 11:03 am
Also Read
View All