
नई दिल्ली : क्रिकेट के मैदान पर भगवान का दर्जा पा चुके सचिन तेंदुलकर किसी न किसी सामाजिक अभियान से हमेशा खुद को जोड़े रखते हैं। एक बार फिर उन्होंने एक ऐसा काम किया है, जिसकी चहुओर तारीफ हो रही है। उन्होंने पहली बार किसी महिला हज्जाम से दाढ़ी बनवाई है और इसकी तस्वीर भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डाला है। और लिखा है- इन महिला हज्जामों से मिलना उनके लिए सम्मान की बात रही।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट की तस्वीर
इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने लैंगिक जड़ता तोड़ने के लिए इन दोनों को जिलेट स्कालरशिप भी प्रदान किया, ताकि वे दोनों अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ अपनी व्यावसायिक जरूरतों को भी पूरा कर सकें। महिला हज्जाम नेहा और ज्योति से अपनी दाढ़ी बनवाती तस्वीर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सचिन ने लिखा, 'आप शायद नहीं जानते होंगे, लेकिन इससे पहले मैंने किसी महिला हज्जाम से कभी शेव नहीं बनवाई। आज ये रिकार्ड टूट गया। इन महिला हज्जाम से मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है।'
लैंगिक जड़ता तोड़ने में मिलेगी मदद
हज्जामों का पेशा ऐसा है, जिसमें आज भी पुरुषों का वर्चस्व है। हालांकि मेट्रो में ब्यूटी और जेंट्स पार्लर में शेविंग और बाल बनाने का काम करती महिलाएं नजर आ जाती हैं, लेकिन छोटे शहरों और गांवों में यह अब भी काफी कठिन काम है। ऐसे में साल 2014 में उत्तर प्रदेश के बनवारी टोला गांव में दो महिला नेहा और ज्योति ने इस पेशे में उतरने का फैसला लिया और गांव में ही अपने दुकान पर बाल-दाढ़ी बनाने का काम शुरू किया। यह फैसला उन्होंने शौक से नहीं लिया था, बल्कि मजबूरी के तहत उन्हें ऐसा करना पड़ा। 2014 से उनके पिता की तबीयत खराब रहने लगी बाल-दाढ़ी बनवाने नहीं आते थे। इस बीच इन दोनों पर नजर जिलेट इंडिया की पड़ी। उसने अपने विज्ञापन में इनकी संघर्षों को जगह दी। इसके बाद इन दोनों की जिंदगी बदलने लगी। यू-ट्यूब पर इस विज्ञापन को अब तक 1.60 करोड़ लोगों से भी अधिक लोग देख चुके हैं। जब इनके बारे में सचिन तेंदुलकर को मालूम हुआ तो उन्होंने भी इन दोनों से दाढ़ी बनवाने का फैसला लिया और इनसे दाढ़ी बनवाते हुए अपनी तस्वीर भी इंस्टाग्राम पर डाली।