DC vs GT: डेविड मिलर सोच रहे होंगे कि अगर वह आखिरी से पहले की गेंद पर एक रन भाग लेते दिल्ली कैपिटल्स मैच जीत सकती थी। शायद इसी हताशा में वह मैच के बाद पूरी तरह टूट हुए नजर आए। यह देख कप्तान अक्षर पटेल उनके पास पहुंचे और हिम्मत बंधाते हुए सांत्वना दी।
DC vs GT: डेविड मिलर क्या सोच रहे थे? वह रन लेने के लिए क्यों नहीं दौड़े? आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटन्स के हाथों दिल्ली कैपिटल्स को मिली एक रन से दिल तोड़ने वाली हार के बाद ये सवाल ही सुर्खियों में हैं। लेकिन, इस ड्रामे और बहस से परे मैच के बाद अक्षर पटेल की एक भावपूर्ण सांत्वना ने सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने इस हार से पूरी तरह टूट चुके डेविड मिलर की न केवल हिम्मत बढ़ाई, बल्कि उनकी प्रशंसा भी की।
अरुण जेटली स्टेडियम में बुधवार की रात मिलर के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरी रही, जिसका अंत बेहद दुखद हुआ। इस दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने लगभग एक असंभव जीत हासिल कर ही ली थी। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में नाबाद 41 रन बनाकर डीसी को हार के कगार से वापस खींच लिया था। आखिरी दो गेंदों पर जीत के लिए सिर्फ 2 रनों की जरूरत थी और जीत बिल्कुल करीब लग रही थी। फिर वह पल आया जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया।
प्रसिद्ध कृष्णा का सामना करते हुए मिलर ने आखिरी से पहले वाली गेंद पर एक रन लेने से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह बाउंड्री लगाकर मैच खत्म कर देंगे। लेकिन, कृष्णा ने आखिरी गेंद पर एक धीमी बाउंसर डालकर उन्हें चकमा दे दिया। हताशा में मिलर और कुलदीप यादव ने बाई का रन लेने की कोशिश की, लेकिन जोस बटलर ने सीधा थ्रो मारकर कुलदीप को रन आउट करते हुए गुजरात को एक रोमांचक जीत दिला दी।
जीत के करीब पहुंचकर इस हार हताश मिलर साफ तौर पर टूट चुके थे। लेकिन, निराशा के उस पल में अक्षर पटेल की प्रतिक्रिया ने बहुत कुछ कह दिया। डीसी के कप्तान मिलर के पास गए, उनसे हाथ मिलाया, उनके कंधे पर हाथ रखा और उन्हें हिम्मत बंधाई। यह देख कमेंटेटर ने कहा कि एक कप्तान अपने ही एक सिपाही से कह रहा है कि उसने कितना शानदार प्रदर्शन किया है।
मैच की बात करें तो गुजरात टाइटन्स ने शुभमन गिल, बटलर और वॉशिंगटन सुंदर के अर्धशतकों की बदौलत 210/4 का स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में केएल राहुल की शानदार 92 रनों की पारी और पथुम निसांका के 41 रनों ने टीम की नींव रखी, लेकिन राशिद खान के तीन लगातार विकेटों ने मैच का रुख ही पलट दिया।
आखिरी दो ओवरों में जीत के लिए 36 रनों की दरकार थी और ऐसा लग रहा था कि मैच जीटी आसानी से जीत जाएगी। तभी मिलर के ताबड़तोड़ हमले ने जीत की उम्मीदें फिर से जगा दीं। उन्होंने आखिरी से पहले वाले ओवर में मोहम्मद सिराज की गेंदों पर 23 रन बटोरे और मैच को बिल्कुल आखिरी पलों तक खींच ले गए। लेकिन, आखिर में जीटी ने जीत दर्ज की।