
मुंबई : टीम इंडिया (Team India) के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Kartik) और महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) दोनों एक ही समय के खिलाड़ी हैं और धोनी की वजह से कार्तिक को टीम इंडिया में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिल पाया। लेकिन इन दोनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। दिनेश कार्तिक ने महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि 2003 में जब वह पहली बार महेंद्र सिंह धोनी से वो मिले थे, तब से लेकर आज तक उनमें कोई बदलाव नहीं आया है। धोनी और कार्तिक पहली बार इंडिया ए (India A) की तरफ से जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने उतरे थे।
धोनी तब भी उतने ही शांत थे, जितने आज
दिनेश कार्तिक ने एक स्पोर्ट्स वेबसाइट के शो में कहा कि वह 2003-04 में जब पहली बार महेंद्र सिंह धोनी से मिले थे, तब भी वह बेहद शांत थे। आज भी एकदम वैसे ही हैं। उन्होंने बताया कि 2003-2004 में जब वह इंडिया ए के साथ पहली बार टूर पर गए थे, तब उस टीम में धोनी भी थे। वह तब बहुत ही सरल, शांत, स्थिर चरित्र के इंसान थे और उनका वही रूप आज भी देखने को मिलता है।
तब धोनी के बाल जरूर लंबे थे
दिनेश कार्तिक ने कहा कि जब धोनी टीम इंडिया में आए थे, तब उनके लंबे बालों की काफी चर्चा होती थी। पाकिस्तान दौरे पर तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी उनके बालों की तारीफ की थी। कार्तिक ने कहा, महेंद्र सिंह धोनी में आपको बस एक ही अंतर देखने को मिलेगा। पहले उनके बाद लंबे से छोटे हुए और अब काफी सारे बाल सफेद हो गए हैं, लेकिन भीतर से वह वैसे ही शांत और स्थिर हैं। कार्तिक ने कहा कि उन्होंने न तो धोनी को गुस्सा करते देखा और न ही अपने गुस्से को जाहिर करते देखा। इसी कारण वह कह सकते हैं कि धोनी काफी हद तक आज भी वैसे ही हैं।
तातेंदा ताइबू ने भी धोनी की तकनीक पर की थी बात
बता दें कि इससे एक दिन पहले जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम (Zimbabwe Cricket Team) के पूर्व कप्तान तातेंदा ताइबू (Tatenda Taibu) ने भी 2003 के भारत ए दौरे की बात की थी। उन्होंने दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी की विकेटकीपिंग तकनीक पर बात की थी। उन्होंने कहा कि धोनी की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग की तकनीक काफी अलग थी। उनके आंख और हाथ में गजब का तालमेल है। इसी कारण वह इतने कामयाब हुए। ताइबू ने कहा कि धोनी से ज्यादा बेहतर दिनेश कार्तिक की विकेटकीपिंग थी। जब उन्होंने पहली बार धोनी और कार्तिक को देखा उन्हें यह महसूस हुआ था कि कार्तिक ज्यादा स्वाभाविक हैं। वह आज भी ऐसे ही हैं। धोनी के मुकाबले विकेटकीपिंग में वह ज्यादा सहज थे।