
कोलकाता। भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े खिलाडिय़ों में की बात करें तो आज की तारीख में कोई भी आसानी से पहला नाम यदि सचिन तेंदुलकर का लेगा तो निश्चित तौर पर दूसरा नाम विराट कोहली का ही आएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ कोच रवि शास्त्री एक ऐसे शख्स हैं, जो इन दोनों महान बल्लेबाजों के साथ जुड़े रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के साथ शास्त्री ने लंबा अरसा टीम में साथी बल्लेबाज के तौर पर बिताया था तो विराट कोहली को वे पहले कमेंटेटर और अब चीफ कोच के तौर पर नजदीक से देख रहे हैं।
ऐसे में जब सोमवार को विराट कोहली ने अपना इंटरनेशनल शतकों का अर्धशतक पूरा किया और ऐसा करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद मात्र दूसरे भारतीय बल्लेबाज बनें तो निश्चित ही शास्त्री से इस संबंध में पूछा जाना तय था। ऐसे में विराट कोहली के प्रदर्शन के बारे में बताने के लिए शास्त्री ने मात्र एक वाक्य का सहारा लिया, जिसने विराट की सभी उपलब्धियों को जाहिर कर दिया। शास्त्री ने कहा, स्काई इज द लिमिट यानि आकाश ही उसकी सीमा है।
शास्त्री ने कहा, स्काई इज द लिमिट। वह एक जबरदस्त खिलाड़ी है और मैं इससे बेहद खुश हूं। शास्त्री यहां भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच खराब रोशनी के कारण ड्रॉ हो जाने के बाद आयोजित समापन समारोह से इतर मीडिया से बात कर रहे थे। इस टेस्ट मैच में विराट कोहली की रनों की भूख उस समय सभी को दिखाई पड़ी, जब पहली पारी में 0 पर लुढ़क गए भारतीय कप्तान ने दूसरी पारी में नॉटआउट शतक से इसकी भरपाई की। अपनी नॉटआउट 104 रन की पारी के दौरान कोहली इस बात से पूरी तरह अविचलित दिखाई दिए कि दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिर रहे हैं। उन्होंने शांति के साथ अपनी पारी को संवारा और 18वां टेस्ट शतक अपने नाम कर लिया। वनडे में भी 32 शतक बना चुके कोहली इसी के साथ 50 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले दुनिया के मात्र 8वें और भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए।
कोहली की इस सफलता के लिए पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भी इस मौके पर कहा, ये कोहली की अचंभित कर देने वाली पारी थी। वह एक कप्तान के तौर पर बहुत अच्छे हैं और उन्हें अभी बहुत लंबी दूरी तय करनी है। हालांकि सचिन और कोहली की तुलना को लेकर गांगुली ने ऐसा कुछ भी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने फिलहाल दोनों की तुलना करने से इनकार कर दिया। गांगुली ने कहा, सचिन और विराट की तुलना करना जल्दबाजी होगी। अभी विराट को सचिन के कुल शतकों की बराबरी करने के लिए 50 और शतक बनाने हैं।