
Duleep Trophy 2026 Final: चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के पहले दिन ईशान किशन ने नाबाद शतक लगाकर ईस्ट जोन को साउथ जोन पर दबदबा बनाने में मदद की। पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट का स्कोर 385/4 रहा। किशन 111 और कुशाग्र 63 रन बनाकर नॉट आउट हैं। इन दोनों के बीच 26.4 ओवर में 144 रन की अटूट पार्टनरशिप हो चुकी है, लेकिन दूसरे दिन मैच कब पलट जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। अगर, ईस्ट जोन को 13 साल के दलीप ट्रॉफी जीतने के सूखे को खत्म करना है तो उसे दूसरे दिन तीन काम करने होंगे।
ईस्ट जोन चार विकेट पर 385 से आगे जब दूसरे दिन पहले सेशन के लिए उतरेगी, तो उसे संभलकर खेलना होगा। ईशान किशन और कुमार कुशाग्र अगर, दूसरे दिन संभलकर खेलते हैं और अपना कोई विकेट नहीं गंवाते हैं, तो उनकी टीम काफी मजबूत स्थिति में पहुंच सकती है। लेकिन, ऐसा कर पाना उनके लिए बिलकुल भी आसान होने वाला नहीं है, क्योंकि सुबह के सेशन में नई गेंद का सामना करना बहुत मुश्किल होगा।
ईशान किशन की टीम अगर पहला सेशन बगैर कोई विकेट गंवाए खेल जाती है। फिर उसका दूसरा लक्ष्य कम से कम अगले डेढ़ सेशन तेजी से खेलना होगा। इस तरह उसे दूसरे दिन ढाई सेशन खेलकर स्कोर को 650 के पार ले जाना होगा। अगर वह ऐसा कर पाने में सफल हो जाती है, तो कप्तान दिन के आखिरी दस ओवर से पहले पारी घोषित कर साउथ जोन को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
ईस्ट जोन अपनी पहली पारी 650 के पार घोषित करके साउथ जोन की टीम को आखिरी सेशन में 9-10 ओवर खेलने के लिए बुला सकती है। ऐसे में ईशान किशन को यहां से योजना के अनुसार, साउथ जोन के दो-तीन विकेट गिराने होंगे, ताकि तीसरे दिन जल्द से जल्द विपक्षी टीम की पहली पारी को पवेलियन भेजा जा सके।
बता दें कि ईस्ट जोन ने पिछली बार 13 साल पहले दलीप ट्रॉफी जीती थी। उसके बाद से वह लगातार खिताब के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है। इस बार ईस्ट में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार, शिखर मोहन और कुमार कुशाग्र के साथ मजबूत बैटिंग लाइन अप है। वहीं, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, अभिजित सरकार और अंकुल रॉय जैसे दमदार गेंदबाज भी हैं, जो इस बार उसका सपना साकार कर सकते हैं।