
Razaullah breaks multiple records: इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान के 21 वर्षीय क्रिकेटर रजाउल्लाह ने अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। गेंद से शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने बल्ले से ऐसी तूफानी पारी खेली कि पाकिस्तान की पारी से हार का संकट टल गया। पाकिस्तान की दूसरी पारी में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे रजाउल्लाह ने महज 63 गेंदों में 81 रन ठोके। उनकी पारी में 4 चौके और 9 छक्के शामिल रहे।
रजाउल्लाह ने सिर्फ 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह टेस्ट डेब्यू में पाकिस्तान के लिए सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने फहीम अशरफ का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2018 में आयरलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर 52 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने पाकिस्तान को उस समय मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला, जब टीम 318 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी थी।
रजाउल्लाह ने अपनी 81 रन की पारी के दौरान 9 छक्के लगाए। इसके साथ ही उन्होंने टेस्ट डेब्यू में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। न्यूजीलैंड के टिम साउदी ने 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ नेपियर टेस्ट में डेब्यू करते हुए 9 छक्के लगाए थे। रजाउल्लाह अब इस रिकॉर्ड में उनके साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। इतना ही नहीं, इंग्लैंड में एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में भी रजाउल्लाह ने बेन स्टोक्स की बराबरी की। स्टोक्स ने 2023 एशेज में लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 छक्के लगाए थे।
रजाउल्लाह ने मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर पाकिस्तान की पारी को संभाला। दोनों ने नौवें विकेट के लिए 121 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों के बीच हुई यह साझेदारी 1984 के बाद इंग्लैंड के खिलाफ नौवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इस मुकाबले में मोहम्मद अब्बास ने 42 रन बनाए। इस साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा।
रजाउल्लाह की डेब्यू टेस्ट मैच में 81 रन बनाएं, जोकि टेस्ट डेब्यू में नंबर-9 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी पारी भी है। खास बात यह भी है कि रजाउल्लाह के नौ और अब्बास के दो छक्कों को मिलाकर पाकिस्तान के नंबर-9, 10 और 11 बल्लेबाजों ने कुल 11 छक्के लगाए। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ, जब इन तीनों स्थानों पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों ने एक पारी में मिलकर 11 छक्के लगाए।
रजाउल्लाह का डेब्यू सिर्फ बल्ले तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में 4 विकेट भी हासिल किए। उनके शिकार में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट भी शामिल रहे, जो उनका पहला टेस्ट विकेट था। उन्होंने 23 ओवर में 148 रन देकर चार विकेट लिए। इस तरह देखा जाए तो रजाउल्लाह ने अपने पहले ही टेस्ट में गेंद और बल्ले, दोनों से प्रभाव छोड़ा। पाकिस्तान के लिए उनकी 81 रन की पारी उस समय आई, जब टीम पर मैच जल्दी गंवाने का खतरा मंडरा रहा था। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने मुकाबले को चौथे दिन तक पहुंचा दिया। अब इंग्लैंड को सीरीज में 3-0 की क्लीन स्वीप के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।