Mustafizur Rahman row: भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इसी बीच पूर्व बांग्लादेशी खिलाड़ी और मौजूदा कोच रजिन सालेह ने सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली को याद किया है। जब इन दोनों भारतीय दिग्गजों ने सालेह की मदद की थी।
Mustafizur Rahman row: बांग्लादेश में हिंदुओं की निर्मम हत्याओं के चलते भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ। बात तब और ज्यादा बिगड़ गई जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को अपनी आईपीएल टीम से रिलीज कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत की जगह श्रीलंका कराने की मांग कर दी। अब इस मामले में आईसीसी (ICC) के फैसले का इंतजार है।
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भारत और बांग्लादेश के बीच इस तनावपूर्ण माहौल के दौरान पूर्व बांग्लादेशी खिलाड़ी रजिन सालेह ने अपने करियर के उन अहम पलों को याद किया, जब सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने उनकी मदद की थी। टीओआई के साथ एक इंटव्यू में सालेह ने बताया कि मैं उस सीरीज में फॉर्म के लिए जूझ रहा था। मैंने एक टेस्ट दोनों पारियों में शून्य पर आउट हो गया। इसके बाद दो वनडे में भी क्रमश: 14 और 0 पर आउट हो गया।
मैं बहुत निराश और हताश महसूस कर रहा था। मेरा मनोबल पूरी तरह से गिरा हुआ था। तीसरे वनडे से पहले मैंने सचिन के दरवाजे पर दस्तक दी और उन्होंने मेरा स्वागत किया। मैंने उन्हें अपनी खराब फॉर्म के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब आप आउट होने के बाद मैदान से बाहर निकलते हैं तो उस पारी को वहीं छोड़ दें और अगले मैच में नई शुरुआत करें। उसी समय गांगुली भी आए और चुपचाप बैठ गए, यह सुनने के लिए कि सचिन मुझसे क्या कह रहे थे।
फिर गांगुली ने कहा कि वीर की तरह खेलो, योद्धा बनो। उन्होंने मुझसे क्रीज पर निडर होकर बल्लेबाजी के लिए कहा। उन शब्दों ने मुझे सच में बहुत हिम्मत दी। अगले मैच में मैंने भारत के खिलाफ 80 से ज्यादा रन बनाए। मैंने उस मैच में अजीत अगरकर, जहीर खान और हरभजन सिंह के खिलाफ रन बनाए।
सालेह ने कहा कि एक भगवान हैं (सचिन) तो दूसरे भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक हैं (गांगुली)। मैं सच में उनकी बहुत इज्जत करता हूं। मैं शुक्रगुजार हूं कि मैंने उन दोनों के खिलाफ खेला। सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, मैंने यह मैदान पर देखा है। जब भी वह बल्लेबाजी करने आते थे, माहौल जादुई हो जाता था। बस सचिन, सचिन और कुछ नहीं। जब वह बैटिंग कर रहे होते थे, तो ध्यान लगाना सच में बहुत मुश्किल होता था।
2003 और 2008 के बीच 24 टेस्ट और 43 वनडे खेलने वाले सालेह फिलहाल बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बतौर नेशनल हाई-परफॉर्मेंस बैटिंग कोच काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं अभी बीपीएल सीजन में एक टीम को कोचिंग दे रहा हूं। मैं बांग्लादेश सीनियर टीम को भी कोचिंग दे रहा हूं और नेशनल हाई-परफॉर्मेंस सेटअप के साथ काम कर रहा हूं।
हमें भारत के खिलाफ खेलना याद आता है। मैंने कैफ, युवराज और कई दूसरों के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला था और मुझे सच में भारत के खिलाफ मुकाबला करना याद आता है। मैंने तो युवराज से कुछ मौकों पर बैट भी मांगे थे। वह मुझे ड्रेसिंग रूम में ले गए और कहा कि जो भी बैट चाहिए ले लो। उनका दिल बहुत बड़ा है।