Fakhar Zaman denies ball tampering: PCB ने बॉल टेम्परिंग के लिए फखर जमान पर लेवल 3 का आरोप लगाया है। जबकि जमान ने खुद आरोपों से इनकार किया है। अब इस मामले में अगले 48 घंटों के भीतर एक और सुनवाई होनी है, जिसके बाद मैच रेफरी फैसला सुनाएंगे।
Fakhar Zaman denies ball tampering: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सोमवार को पुष्टि की कि लाहौर कलंदर्स के बल्लेबाज फखर जमान पर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) में कराची किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान बॉल टैम्परिंग के लिए लेवल 3 का आरोप लगाया गया है। गद्दाफी स्टेडियम में हुआ यह मैच इस विवाद की वजह से चर्चा में रहा। जब अंपायरों ने खेल के आखिरी ओवर से पहले गेंद बदल दी और कराची को पांच पेनल्टी रन भी दिए गए। मैदान पर मौजूद अंपायरों ने लाहौर के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी के साथ लंबी चर्चा के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि गेंद की स्थिति बदल गई थी और पेनल्टी लगाना जरूरी था।
शाहीन इस फैसले से नाराज थे। आखिर में यह पेनल्टी मैच में निर्णायक साबित हुई, क्योंकि आखिरी ओवर में जीत के लिए जरूरी रन 14 से घटकर 9 रह गए। इसके बाद कराची ने तीन गेंदें शेष रहते ही मैच जीत लिया। पीसीबी ने अब पुष्टि की है कि मैच के बाद एक अनुशासनात्मक सुनवाई हुई, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि फखर ने वाकई गेंद के साथ छेड़छाड़ की थी। हालांकि, इस अनुभवी पाकिस्तानी बल्लेबाज ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अब अगले 48 घंटों के भीतर एक और सुनवाई होनी तय है।
पीसीबी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि लाहौर कलंदर्स के फखर जमान पर खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए लागू आचार संहिता के अनुच्छेद 2.14 के तहत लेवल 3 का आरोप लगाया गया है। उन्होंने एचबीएल पीएसएल 11 की खेलने की शर्तों के अनुच्छेद 41.3 का उल्लंघन किया है, जिसके अनुसार गेंद की स्थिति बदलने वाला कोई भी काम करना एक अपराध माना जाता है।
बयान में आगे कहा गया है कि मैच रेफरी रोशन महानामा की अध्यक्षता में हुई अनुशासनात्मक सुनवाई के दौरान फखर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। अगले 48 घंटों के भीतर एक और सुनवाई होनी है, जिसके बाद मैच रेफरी अपना फैसला सुनाएंगे। यह घटना मैच की दूसरी पारी के दौरान हुई थी।
यह घटना हारिस रऊफ के आखिरी ओवर की पहली गेंद फेंकने से ठीक पहले हुई। फखर कैमरे में गेंद के साथ कुछ करते हुए कैद हो गए। यह सब अंपायर फैसल अफरीदी के सामने हुआ। जैसे ही फखर ने गेंद रऊफ को दी, अंपायर ने गेंद की जांच करने का फैसला किया। इसके बाद अंपायरों ने यह तय किया कि कलंदर्स ने जान-बूझकर गेंद की स्थिति बदली थी, जिसके लिए किंग्स को 5 पेनल्टी रन दिए गए। मैच के बाद जब शाहीन से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब देने से मना कर दिया।