
Greg Chappell Financial Struggles: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल का नाम सुनते ही हर भारतीय फैन का मन उदास हो जाता है। चैपल 2007 वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया के कोच थे और तब भारत अपने क्रिकेट इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहा था। टीम का प्रदर्शन बेहद खराब था और खिलाड़ी खेल से ज्यादा आपसी विवाद के चलते सुर्खियों में थे। इन सब की वजह चैपल थे। चैपल का भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच कड़वा अनुभव रहा।
वही चैपल आज दाने- दाने के लिए मुहताज हैं और भयंकर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस बात का खुलासा 'न्यूज कॉर्प' की एक रिपोर्ट में हुआ है। चैपल ने सालों पहले किसी भी तरह की मदद लेने से इनकार कर दिया था लेकिन आज स्थिति अलग है। उनके दोस्तों ने उनकी मदद के लिए ऑनलाइन पैसे जुटाने शुरू किए हैं।
चैपल ने 'न्यूज कॉर्प' से कहा, 'मैं बहुत बुरी स्थिति में नहीं हूं। मैं निश्चित तौर पर इस तरह नहीं दिखाना चाहता कि मैं बहुत मुश्किल में हूं, क्योंकि मैं नहीं हूं। लेकिन मैं लग्जरी जीवन भी नहीं जी रहा हूं। मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग यह मानते हैं क्योंकि हमने क्रिकेट खेला है तो आज आलीशान जिंदगी जी रहे होंगे। हालांकि मैं निश्चित रूप से गरीबी का रोना भी नहीं रो रहा हूं, बात सिर्फ इतनी सी है कि हम वो फायदा नहीं उठा रहे हैं जो आज के खिलाड़ियों को मिल रहा है।'
रिपोर्ट के अनुसार, काफी मनाने के बाद ग्रेग चैपल ने बेमन से अपने लिए एक ऑनलाइन फंडिंग पेज बनाया है। चैपल ने कहा कि वह अपने युग के एकमात्र खिलाड़ी नहीं हैं जो वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं। चैपल के मित्र पीटर मेलोनी ने कहा कि उन्होंने इस ऑनलाइन फंडिंग अभियान से लगभग ढाई लाख डॉलर जुटाने की उम्मीद है, जिससे उनके जीवन के स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
ग्रैग चैपल को उनके रिटायरमेंट के समय भी हर खिलाड़ी को दिए जाने वाले संन्यास बेनेफिट की पेशकश की गई थी लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया। चैपल को लगता था कि उनके पास काफी विकल्प हैं और उन्हें इस मदद की जरूरत नहीं है। चैपल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में कई पदों पर रहे। कई टीमों के कोच भी रहे लेकिन फिर भी आज उनकी स्थिति ठीक नहीं है।
कुछ साल पहले चैपल ने अपनी सेविंग्स का बड़ा हिस्सा बिजनेस में लगाया जो कि डूब गया। इसी का नुकसान उठाने के कारण ही उनकी स्थिति खराब हो गई। क्रिकेट करियर की बात करें तो ग्रैग चैपल ने 1970 और 80 के दशक के दौरान 87 टेस्ट मैच में 24 शतक बनाए और 48 मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व किया। उन्होंने जनवरी 1984 में टेस्ट से संन्यास ले लिया और ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा रन (7110) बनाने वाले खिलाड़ी बने, उन्होंने सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के 6996 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।