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‘आजकल बल्लेबाजी करना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान’ केविन पीटरसन की बात से क्या आप हैं सहमत?

IND vs ENG 4th Test: केविन पीटरसन ने शनिवार को 'एक्स' पर लिखा, "आजकल बल्लेबाजी करना 20-25 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है। शायद पहले के दौर में यह दोगुना मुश्किल था।"
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Jul 26, 2025
Shubman Gill and Kevin Pietersen
Shubman Gill and Kevin Pietersen (Photo Credit - IANS)

IND vs ENG 4th Test: इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने यह कहकर एक नई बहस छेड़ दी कि आजकल बल्लेबाजी करना 20-25 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक गेंदबाजों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। शुक्रवार को पीटरसन के साथी बल्लेबाज जो रूट ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग को पछाड़कर सर्वकालिक टेस्ट रन बनाने वालों की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है। जो रूट ने 248 गेंदों में 150 रन की पारी खेली, जिसने इंग्लैंड को 500 रन के पार पहुंचा दिया।

रूट की इस पारी के अगले ही दिन पीटरसन ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए हैं। 2005 से 2014 के बीच 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले पीटरसन के मुताबिक उनके दौर में बल्लेबाजी करना 'दोगुना मुश्किल' था।

पीटरसन ने शनिवार को 'एक्स' पर लिखा, "आजकल बल्लेबाजी करना 20-25 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है। शायद पहले के दौर में यह दोगुना मुश्किल था।"

पीटरसन ने जिन दिग्गज गेंदबाजों का नाम लिया, उनमें वकार यूनुस, शोएब अख्तर, वसीम अकरम, मुश्ताक अहमद, अनिल कुंबले, जवागल श्रीनाथ, हरभजन सिंह, एलन डोनाल्ड, शॉन पॉलक, लांस क्लूजनर, डैरेन गॉफ, ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली, शेन वॉर्न, जेसन गिलेस्पी, शेन बॉन्ड, डेनियल विटोरी, क्रिस केर्न्स, चामिंडा वास, मुथैया मुरलीधरन, कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वॉल्श शामिल हैं।

पीटरसन ने सवाल किया- "मैंने ऊपर 22 गेंदबाजों के नाम लिए हैं। क्या आप वर्तमान दौर के 10 गेंदबाजों के नाम बता सकते हैं, जो इनसे मुकाबला कर सकें?" पीटरसन 47.28 की औसत से 8,181 रन बनाकर इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले छठे खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस फॉर्मेट में 23 शतक और 35 अर्धशतक लगाए हैं। पूर्व क्रिकेटर ने संकेत दिया कि वर्तमान बल्लेबाजों की तुलना पूर्व दिग्गजों से करना खेल के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि उनके लिए परिस्थितियां अलग थीं।