
IND vs ENG 3rd Test: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। राजकोट में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में यशस्वी जायसवाल के शतक ने इंग्लैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया है। हालांकि शतक लगाने के बाद यशस्वी को पीठ में दर्द के चलते रिटायर हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा। यशस्वी के रिटायर होने के बाद फैंस के मन में अब ये सवाल उठ रहा होगा कि क्या वह फिर से बल्लेबाजी कर सकते हैं या नहीं? इसे समझने के लिए आपको रिटायर हर्ट और रिटायर आउट में अंतर जानना होगा। आइये जानते हैं दोनों में क्या अंतर है?
रिटायर आउट क्या होता है?
आईसीसी के अनुसार, अगर कोई बल्लेबाज पारी के बीच किसी भी वक्त रिटायर हो सकता है। जब कोई बल्लेबाज जानबूझकर रिटायर होता है तो वह बल्लेबाज विपक्षी कप्तान की अनुमति से अपनी पारी को फिर से शुरू कर सकता है। लेकिन, यदि बल्लेबाज बैटिंग करने नहीं आता है तो उसे रिटायर्ड आउट घोषित किया जाता है। इसलिए रिकॉर्ड में उसे आउट दर्ज किया जाता है।
रिटायर हर्ट क्या होता है?
इंजरी खेल का हिस्सा है, क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं है। नेट में अभ्यास या मैच के बीच खिलाड़ी इंजर्ड हो सकते हैं। खिलाड़ी के अभ्यास के दौरान घायल होने पर वह चोट के आकलन के बाद कुछ दिन का ब्रेक ले सकता है। वहीं, अगर मैच के दौरान कोई बल्लेबाज घायल हो जाए तो क्या होगा? ऐसे में रिटायर हर्ट का नियम लागू होता है। हालांकि रिटायर हर्ट और रिटायर आउट में अंतर है।
फिर से बल्लेबाजी कर सकता है
बल्लेबाजी के दौरान चोट, बीमारी या किसी अन्य अपरिहार्य कारण रिटायर होने पर उसे कुछ समय के लिए रिटायर हर्ट माना जाता है। रिटायर हर्ट बल्लेबाज फिर से बल्लेबाजी कर सकता है। लेकिन, वे किसी भी क्षण फिर से पारी शुरू नहीं कर सकता। वह दोबारा बल्लेबाजी विकेट गिरने या किसी अन्य बल्लेबाज के रिटायर होने पर ही कर सकता है। वहीं, रिटायर हर्ट बल्लेबाजी के लिए फिर से नहीं आता है तो उसे रिटायर्ड नॉट आउट माना जाता है।