T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से रौंदा। क्या अक्षर पटेल को बाहर बैठाना टीम इंडिया की सबसे बड़ी गलती थी? कोच ने भी माना कि वॉशिंगटन सुंदर वाला दांव उल्टा पड़ गया। जानें कोच ने और क्या कहा...
IND vs SA, Washington Sunder, Axar Patel: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार कोखेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों की करारी शिकस्त दी। इस हार ने भारत के खिताब बचाने की उम्मीदों को झटका तो दिया ही, साथ ही टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए।
मैच में सबसे चौंकाने वाला फैसला उप-कप्तान अक्षर पटेल को बाहर बैठाकर वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग-11 में शामिल करना था। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के वक्त कहा था कि साउथ अफ्रीका के टॉप-5 में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए 'मैच-अप' के लिए ऑफ-स्पिनर सुंदर को लाया गया था जो पूरी तरह उल्टा पड़ गया। हैरानी की बात तो यह रही कि जिस 'रणनीति' के लिए सुंदर को टीम में लिया गया, उनसे पूरे मैच में सिर्फ 2 ओवर ही फिंकवाए गए।
सुंदर ने सिर्फ 2 ही ओवर डाले और बिना कोई विकेट लिए 17 रन लुटा दिए। उन्हें हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह से पहले नंबर-5 पर भेजा गया, लेकिन वह 11 गेंदों में सिर्फ 11 रन ही बना सके। आमतौर पर शांत रहने वाले सुंदर भी इस मैच में अपना आपा खो बैठे और वह डेविड मिलर से बहस करते दिखे।
असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने स्वीकार किया कि अक्षर पटेल को बाहर बैठाना गलत फैसला था। उन्होंने सफाई दी कि अफ्रीकी टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों (डी कॉक, मिलर) को रोकने के लिए ऑफ-स्पिनर सुंदर को चुना गया था, जो पावरप्ले में भी गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन यह रणनीति पूरी तरह फेल रही। असिस्टेंटकोच ने कहा, "अक्षर टीम के लिए बहुत अहम हैं। मैच में जब 20 रन पर 3 विकेट गिर गए थे, तब सुंदर की जगह अक्षर होते तो भी वही रोल निभाते। हमने मिडिल ऑर्डर को मजबूती देने के लिए यह बदलाव किया था, पर यह काम नहीं आया। अगले मैचों में अक्षर की वापसी पर जरूर विचार होगा।"
हैरानी की बात यह है कि अक्षर पटेल अपने होम ग्राउंड (अहमदाबाद) पर ही बाहर बैठे थे। वह विकेट निकालने में तो माहिर हैं ही, साथ में निचले क्रम की पावर-हिटिंग भी करते हैं। उनकी कमी इस बड़े मैच में साफ खली।
भारत के लिए अब स्थिति करो या मरो वाली है। क्योंकि हार के बाद भारत का नेट रन-रेट (NRR) गिरकर -3.8 हो गया है, जो बहुत चिंता की बात है। अब सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए टीम को अब जिम्बाब्वे (26 फरवरी, चेन्नई) और वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।