
Team India Vice Captaincy News: भारतीय टीम इस समय श्रीलंका दौरे पर है, जहां उसे दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने शानदार जीत हासिल की है और अब दूसरे मुकाबले के लिए कोलंबो पहुंच चुकी है। दूसरे मुकाबले से पहले टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने बीसीसीआई के भविष्य के प्लान पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने केएल राहुल को उपकप्तानी देने को लेकर BCCI पर निशाना साधा है। पूर्व क्रिकेटर ने कहा है कि 34 साल के केएल राहुल को उपकप्तान बनाने के पीछे बीसीसीआई का लॉजिक समझ में नहीं आता है।
इससे पहले टीम इंडिया के कप्तान ऋषभ पंत थे, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट मैच के दौरान उन्हें उपकप्तानी से हटाकर केएल राहुल को यह जिम्मेदारी दे दी गई। वहीं, श्रीलंका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में भी शुभमन गिल की जगह राहुल ने कप्तानी की। केएल राहुल के पास कप्तानी के स्किल्स भी हैं और वह टीम इंडिया के लिए कप्तानी कर भी चुके हैं। हालांकि, आकाश चोपड़ा का सवाल यह है कि अगर आप किसी को उपकप्तान बनाते हो तो उसे भविष्य के कप्तान के रूप में देखते हो।
आकाश चोपड़ा ने सवाल पूछा है कि अगर केएल राहुल 34 साल के हैं और शुभमन गिल 26 साल के, तो इसके पीछे का लॉजिक क्या है? उन्होंने कहा, "आपने ऋषभ पंत को कप्तानी से हटा दिया, इसके पीछे इस बात से मैं सहमत हूं। लेकिन आप वाइस कैप्टन को किस नजरिए से देखते हो? या तो वह आगे भविष्य में टीम इंडिया की कप्तानी करने की रेस में हो या वह उम्र में कप्तान से छोटा हो। लेकिन यहां पर उपकप्तान बड़ा है और कप्तान छोटा है।"
आकाश चोपड़ा ने केएल राहुल की कप्तानी और खिलाड़ी के तौर पर काफी तारीफ की। उन्होंने यह तक कहा कि उनके पास क्रिकेटिंग माइंड है और वह ब्रिलियंट हैं। वह कप्तानी के अच्छे कैंडिडेट हैं, लेकिन वह युवा खिलाड़ी नहीं हैं। अगर 26 साल के कप्तान के साथ केएल राहुल वाइस कैप्टेंसी कर रहे हैं तो वह भविष्य के कप्तान की रेस में नहीं हैं और यह बात सच है। उन्होंने यह तक कहा कि ऋषभ पंत को हटाने के बाद यशस्वी जायसवाल को कप्तान बनाया जा सकता था, लेकिन बीसीसीआई ने ऐसा नहीं किया।
आकाश चोपड़ा ने यह भी कहा कि WTC साइकिल खत्म होने के बाद हो सकता है कि बीसीसीआई यशस्वी जायसवाल की तरफ देखे। आपको बता दें कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इस साइकिल में भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद 50 से ऊपर पहुंच गई है। टीम इंडिया को इस साइकिल में अभी 8 मैच और खेलने हैं। टीम इंडिया अगर 6 मैच जीत लेती है और बाकी ड्रॉ कर लेती है तो उसके फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनी रहेंगी।