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Independence Day 2022: तेंदुलकर से लेकर रोहित शर्मा द्वारा बनाए गए क्रिकेट के वो रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना लगभग नमुमकिन

Azadi ka Mahotsav: भारत ‘आजादी का अमृत’ महोत्सव माना रहा है। इस मौके पर हम आपको भारतीय खिलाड़ियों द्वारा बनाए गए कुछ रिकार्ड्स के बारे बताने जा रहे हैं। जिन्हें तोड़ना या उनकी बराबरी करना लगभग नमुमकिन है।

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Independence Day: देश की आज़ादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर ‘आजादी का अमृत’ महोत्सव मनाया जा रहा है। इन 75 सालों में भारतीय क्रिकेट टीम ने कई बुलंदियों को छुआ है। इस दौरान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ ने कई ऐसे रिकॉर्ड्स बनाए हैं जिसे तोड़ना लगभग असंभव है। तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ रिकॉर्ड्स के बारे में-

सचिन के 200 टेस्ट -
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा 200 टेस्ट मैच खेले हैं। उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ना या उसकी बराबरी करना लगभग नमुमकिन है। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए किसी भी खिलाड़ी को कम से कम 1000 दिन क्रिकेट खेलान होगा और 1000 दिन क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 20 साल का करियर चाहिए। ऐसे में उनका ये रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा।

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टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड-
भारतोया टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को यूं ही 'द वॉल' नहीं कहा जाता है। राहुल द्रविड़ ने अपने 16 साल के टेस्ट करियर में कुल 164 मैचों में 31258 गेंदों का सामना किया. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक गेंद खेलने का रिकॉर्ड राहुल द्रविड़ के ही नाम है. द्रविड़ के टीममेट सचिन तेंदुलकर 29437 बॉल के साथ इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।

सबसे ज्यादा स्टंपिंग-
भारत के पूर्व कप्तान और विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड है। धोनी ने 538 मैचों में कुल 195 स्टंपिंग की हैं। धोनी से कम श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ियों कुमार संगकारा ने 139 और रोमेश कालूवितर्णा ने 101 शिकार किए हैं।

131 गेंदों में एक भी रन नहीं देने का कीर्तिमान -
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय‌ गेंदबाज बापू नादकर्णी के नाम एक अद्भुत रिकॉर्ड हैं। लेफ्ट आर्म स्पिनर बापू के नाम एक टेस्ट में लगातार 131 गेंदों में एक भी रन नहीं देने का कीर्तिमान है। इस दौरान उन्होंने लगातार 21 ओवर मेडन फेंके थे। बापू नादकर्णी में 1964 में इंग्लैंड के खिलाफ मद्रास टेस्ट मैच में यह कारनामा किया था। मौजूदा टेस्ट क्रिकेट के पैटर्न को देखते हुए शायद ही कोई खिलाड़ी बापू नादकर्णी का रिकॉर्ड कभी तोड़ पाए।

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Updated on:
16 Aug 2022 06:51 pm
Published on:
14 Aug 2022 10:26 am
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