
India to register 200 wins in T20i: भारत और जापान के बीच मंगलवार 22 सितंबर को सानो में एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया, जिसमें टीम इंडिया बड़े उलटफेर से बच गई। भारतीय टीम इस मैच में सिर्फ दो रन से जीत दर्ज की। गीले आउटफील्ड के कारण यह मैच पांच-पांच ओवर का खेला गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट खोकर सिर्फ 32 रन स्कोर बोर्ड पर लगाए। इसके जवाब में मेजबान जापान टीम तीन ओवर में 30 रन ही बना सकी। यह भारत की 200वीं टी20 इंटरनेशनल जीत है। इसके साथ ही भारत दुनिया की ऐसी पहली टीम बन गई है, जिसने सबसे छोटे फॉर्मेट में 200 मैच जीते हैं। इसमें छह सुपर ओवर जीत भी शामिल हैं।
| जीत का पड़ाव | विपक्षी टीम | स्थान | वर्ष | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| पहली जीत | दक्षिण अफ्रीका | जोहान्सबर्ग | 2006 | 6 विकेट |
| 50वीं जीत | श्रीलंका | कोलंबो RPS | 2017 | 7 विकेट |
| 100वीं जीत | वेस्टइंडीज | कोलकाता | 2022 | 8 रन |
| 150वीं जीत | ऑस्ट्रेलिया | ग्रोस आइलेट | 2024 | 24 रन |
| 200वीं जीत | जापान | सानो | 2026 | 2 रन |
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन टीम जापान के स्पिनरों के आगे बुरी तरह से संघर्ष करती नजर आई। अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। वहीं, संजू सैमसन भी 7 गेंदों में 9 रन बनाकर आउट हुए। ईशान किशन भी 6 गेंद पर 3 रन ही बना सके। कप्तान श्रेयस अय्यर भी 12 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ 16 रन ही बना सके। तिलक वर्मा एक रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, जापान के इब्राहिम ताकाहाशी और बेंजामिन इटो-डेविस ने एक-एक विकेट झटका।
भारत से मिले 33 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अक्षर पटेल ने पहला ओवर लैकलन यामामोटो-लेक को सिर्फ एक रन के स्कोर पर आउट किया। दूसरे ओवर में वॉशिंगटन सुंदर चौथी गेंद पर इब्राहिम ताकाहाशी को 4 रनों के स्कोर पर आउट किया। सुंदर ने इस ओवर में एक चौके समेत कुल 6 रन खर्च किए। रवि बिश्नोई ने तीसरे ओवर में 10 रन लुटा दिए। फिर चौथे ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने 7 रन खर्चते हुए जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रनों के स्कोर पर पवेलियन भेजा। आखिरी ओवर में जापान को जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी। अक्षर ने शुरुआत दो गेंदों पर 2 रन दिए, लेकिन वह तीसरी बॉल वाइड फेंक बैठे। हालांकि, अगली चार गेंदें अक्षर ने एकदम सही टप्पे पर डाली और जापान के बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने का कोई मौका नहीं दिया।